भाजपा राष्ट्र के प्रति समर्पित


हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विनम्रता से स्वीकार किया है। साथ ही उन्होंने मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ की जनता को भाजपा को सेवा का अवसर देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कांग्रेस, तेलंगाना राष्ट्र समिति तथा मिजो नेशनल फ्रंट को चुनावों में अनुकूल परिणामों के लिए भी बधाई दी है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की भी चुनावों में दिन–रात अथक मेहनत के लिये प्रशंसा की है। उन्होंने आने वाले दिनों में और अधिक कड़ी मेहनत से देश में चल रहे विकास कार्यों की और मजबूत करने का भी आह्वान किया है।

प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया है। कार्यकर्ता ही भाजपा संगठन की रीढ़ है। भाजपा एक ऐसी राजनीतिक पार्टी जिसका आधार असंख्य कार्यकर्ताओं का त्याग एवं समर्पण है। पार्टी का एक–एक कार्यकर्ता विचारधारा को समर्पित है और मां भारती की सेवा में दिन–रात लगा है। जहां पार्टी सिद्धांतनिष्ठ राजनीति में विश्वास करती है, इसके कार्यकर्ता के मन–मस्तिष्क में राष्ट्रहित सर्वोपरि रहता है। कभी–कभी सिद्धांतनिष्ठ राजनीति चुनावी शोर–शराबे में डूब जाती है, परन्तु अंतत: सिद्धांतों की ही विजय होती है। भाजपा की दृष्टि राष्ट्रीय हित की दृष्टि है और यही कारण है कि तात्कालिक चुनावी लाभ के लिए यह वोट–बैंक की राजनीति नहीं करती। यही भाजपा की शक्ति रही है और मूल्य आधारित राजनीति के बल पर हमारे कार्यकर्ताओं ने विषम से विषम परिस्थितियों में भी पार्टी के लिए राह बनाई है।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के मिश्रित परिणाम रहे। जहां कांग्रेस को मिजोरम में सत्ता से हाथ धोना पड़ा, वहीं तेलंगाना में तेलंगाना राष्ट्र समिति के सामने कांग्रेस–तेलुगू देशम पार्टी गठबंधन को मुंह की खानी पड़ी। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बढ़त मिली, परन्तु मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। कांग्रेस के संतोष करने लायक कुछ खास नहीं रहा, क्योंकि भाजपा के पंद्रह वर्षों के शासन के बाद भी मध्य प्रदेश में कांग्रेस अपने पक्ष में कोई लहर खड़ी नहीं कर पाई। वोटों की गिनती के दौरान कुछ ऐसा लग रहा था कि किसी की भी जीत हो सकती है और अंतत: कांग्रेस भी बहुमत से कुछ कदम दूर ही रही। वोट प्रतिशत के मामले में भी मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में दोनों दल काफी नजदीक रहे। इसमें कोई संदेह नहीं कि इन चुनावों में स्थानीय मुद्दे हावी रहे, जिनका असर इन प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर पड़ा। इन प्रदेशों ने भाजपा शासन में विकास के नये मानदण्डों को गढ़ा है और अब विपक्ष में रहते हुए भाजपा नेतृत्व को यह सुनिश्चित करना पड़ेगा कि सुशासन एवं विकास की राह से यहां की सरकारें भटके नहीं।

राष्ट्र के समक्ष अनेक कठिन चुनौतियां एवं अवसर हैं। 2014 के आम चुनावों में देश की जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को भारी जनादेश दिया था। उस समय परिस्थिति ऐसी थी कि देश की विकास दर गिर रही थी, पॉलिसी पैरेलिसिस एवं कुशासन के साथ–साथ अनगिनत घपलों–घोटालों एवं भ्रष्टाचार से देश त्रस्त था। पूरे वातावरण में नकारात्मकता थी एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए एक निराशाजनक वातावरण बन गया था। इन परिस्थितियों में देश की जनता ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री चुना। श्री नरेन्द्र मोदी न केवल देश को नई ऊंचाइयों पर ले गए, बल्कि उन्होंने हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की प्रतिष्ठिा को बढ़ाया है। सुशासन एवं विकास के लगभग हर मानदंड पर भारत की स्थिति में गुणात्मक सुधार हुआ है और पूरी दुनिया अब भारत का लोहा मान रही है।

भारत आज विश्व की सबसे तेज विकास दर वाले देश के साथ–साथ विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। केवल पांच वर्षों में नौंवीं से छठी अर्थव्यवस्था की छलांग लगाकर भारत अब पूरे विश्व की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं का केन्द्र बन चुका है। गरीब, किसान, दलित, आदिवासी, पिछड़ा, महिला एवं युवाओं के लिए अनेक अभिनव योजनाओं के माध्यम से देश में क्रांतिकारी परिवर्तन हो रहे हैं। सरकार के कार्यक्रमों को जन–जन तक पहुंचाने के लिये भाजपा कार्यकर्ता दिन–रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। आज जब देश व्यापक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, विपक्ष झूठे प्रोपेगेंडा करके अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकना चाहता है। यह समय है कि भाजपा कार्यकर्ता आत्मविश्वास के साथ जनसेवा में समर्पित भाव से जुड़े रहें। केवल ईमानदार एवं समर्पित कार्य ही विपक्ष के झूठे प्रोपेगेंडा का सही जवाब हो सकता है। भाजपा के एक–एक कार्यकर्ता को मां भारती की सेवा में और अधिक दृढ़ता से जुटे रहना होगा।
                                                                                                                                               shivshakti@kamalsandesh.org