वैचारिकी

सांस्कृतिक अधिष्ठान

भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा 4 जून, 1959...

सांस्कृतिक अधिष्ठान

भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय द्वारा 4 जून, 1959...

संस्कृति और समाज

दीनदयाल उपाध्याय गतांक का शेष… संघ के काम में वह चीज़ अपने आप आती है। इसलिए हमने वहीं पर इस बा...

संस्कृति और समाज

दीनदयाल उपाध्याय गतांक का शेष… लेकिन कभी जब व्यक्ति प्रकृति का पालन नहीं करता, तब गड़बड़ हो जा...

संस्कृति और समाज

दीनदयाल उपाध्याय  प्रत्येक ‘समाज जिस एक विशिष्ट जीवन की दृष्टि को लेकर प्राप्त होता है, जिसे प्राचीन...

उद्योग

दीनदयाल उपाध्याय औद्योगीकरण की आवश्यकता कृषि के उपरांत हमें उद्योगों का विचार करना होगा। भारत का औद्...

आधारभूत लक्ष्य

                                                                                दीनदयाल उपाध्याय &nb...

भारतीय संस्कृति में अर्थ

दीनदयाल उपाध्याय आर्थिक प्रश्नों के समाधान हेतु पश्चिम की ओर देखने का एक प्रमुख कारण यह भ्रममूलक धार...