नहीं रहीं गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा


 (27 नवम्बर, 1942 – 18 नवंबर, 2020)

गोवा की पूर्व राज्यपाल, वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रख्यात साहित्यकार श्रीमती मृदुला सिन्हा का 18 नवंबर को दिल्ली में निधन हो गया। वह एक कुशल लेखिका भी थीं, जिन्होंने साहित्य और संस्कृति की दुनिया में व्यापक योगदान दिया। श्रीमती मृदुला सिन्हा 77 वर्ष की थीं। वे पहले जनसंघ और फिर भाजपा से जुड़ीं। श्रीमती सिन्हा भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहीं।

श्रीमती मृदुला सिन्हा का जन्म 27 नवम्बर, 1942 को छपरा, मुजफ्फरपुर (बिहार) में हुआ था। उन्होंने शुरुआती शिक्षा लखीसराय बालिका विद्यापीठ तथा बीए की डिग्री एमडीडीएम कॉलेज से हासिल की। इसके बाद बिहार विश्वविद्यालय से पीजी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के बाद वह एसकेएस महिला कॉलेज, मोतिहारी में प्रोफेसर बनीं। श्रीमती मृदुला सिन्हा के राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1977 में हुई।
श्रीमती मृदुला सिन्हा ने अपने जीवनकाल में कई पुस्तकें लिखीं। उनके उपन्यास ज्यो मेहंदी को रंग पर दूरदर्शन की लघु फिल्म बनी। इसके अलावा उनके उपन्यास नई देवयानी, घरवासा, सीता पुनि‍ बोली, सावित्री, तिशय आदि काफी सराहे गए। उन्होंने श्रीमती राज माता सिंधिया की जीवनी ‘राजपथ से लोकपथ’ लिखी, जिस पर फिल्म भी बनी।

उनका कथा संग्रह साक्षात्कार, स्पर्श की तासीर, एक दीये की दीवाली आदि को काफी सराहा गया। उन्होंने आईने के सामने, मानवी के नाते, बिहार की लोककथा (बच्चों के लिए) आदि निबंध संग्रह भी लिखे। साथ ही, श्रीमती सिन्हा ने विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय हिंदी अखबारों और पत्रिकाओं में नियमित रूप से लेखन भी किया।

शोक संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गोवा की पूर्व राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया। एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीमती मृदुला सिन्हा जी को सार्वजनिक सेवा के प्रति उनके प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। वह एक कुशल लेखिका भी थीं, जिन्होंने साहित्य के साथ-साथ संस्कृति की दुनिया में भी व्यापक योगदान दिया। उनके निधन से बहुत दु:खी हूं। उनके परिवार और स्वजनों के प्रति संवेदना। ओम शांति।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने ट्वीट कर लिखा कि गोवा की पूर्व राज्यपाल, प्रख्यात साहित्यकार एवं भाजपा की वरिष्ठ नेत्री मृदुला सिन्हा जी के निधन से मन व्यथित है। उनका निधन भाजपा परिवार के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। मैं ईश्वर से उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं तथा शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि पूर्व राज्यपाल एवं साहित्यकार मृदुला सिन्हा का निधन मेरे लिए बेहद पीड़ादायक है। वे अपने लम्बे सार्वजनिक जीवन में हर दायित्व को निभाने में सहज और सफल रहीं। एक लेखिका के रूप में भी उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनका पूरा जीवन समाज और साहित्य की सेवा के प्रति समर्पित रहा।

उन्होंने कहा कि मृदुलाजी ने हमेशा महिलाओं, वंचितों और अन्य निर्बल वर्गों से जुड़े मुद्दों को अपनी आवाज़ दी। उनका निधन मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। मैं उनके प्रति अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। ओम् शांति।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा कि गोवा की पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ भाजपा नेता मृदुला सिन्हा जी का निधन बहुत दुःखद है। उन्होंने जीवन पर्यन्त राष्ट्र, समाज और संगठन के लिए काम किया। वह एक निपुण लेखिका भी थीं, जिन्हें उनके लेखन के लिए भी सदैव याद किया जाएगा। उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। ॐ शान्ति।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने श्रीमती सिन्हा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट किया कि गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। जनसंघ के समय से संगठन को मजबूत करने में मृदुला जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका निधन भाजपा परिवार के लिए बड़ी क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिजनों को संबल दे। ॐ शांति।