खुले शौच से मुक्ति एक बड़ी उपलब्धि


भारत अब ‘खुले शौच से मुक्त’ देश बन चुका है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर इस बड़ी उपलब्धि की घोषणा उनके विचारों एवं आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 2 अक्तूबर 2019 को, जब पूरा देश महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा था, इसकी घोषणा कर देश को पुन: एक बार गौरवान्वित किया है। यह एक ऐसी उपलब्धि है जिसने हर भारतीय में उत्साह का संचार किया है, जिसकी हर ओर भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है और जिससे पूरा देश आत्मविश्वास से भर उठा है। यह उपलब्धि इस बात को प्रमाणित करती है कि यदि किसी लक्ष्य को पूरे समर्पण से प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है तो वह लक्ष्य अवश्य सिद्ध होता है। वर्ष 2014 में जब पांच वर्षों में 10 करोड़ शौचालय के निर्माण के लक्ष्य से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ शुभारंभ हुआ था, तब यह लक्ष्य अत्यंत दुष्कर एवं कठिन मालूम पड़ता था। परंतु मोदी–सरकार की उपलब्धियां इतनी बड़ी है तथा समय से पूर्व लक्ष्य प्राप्ति का रिकार्ड इतना मजबूत कि इस लक्ष्य को भी महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर दस करोड़ की जगह ग्यारह करोड़ शौचालय निर्माण करके पूरा कर लिया गया। एक गौरवपूर्ण देश ने महात्मा गांधी को उनकी 150वीं जयंती पर अपनी सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

भारत आज अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए तीव्र गति से आगे बढ़ चला है। संयुक्त राष्ट्र को अपने संबोधन में इसी दायित्वबोध का प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण पर अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। वह भी तब जब भारत को विकसित देशों की तुलना में जवाबदेह नहीं बनाया जा सकता। इसी प्रतिबद्धता का प्रतिफल है कि आज पूरे देश को सिंगल–प्लास्टिक उपयोग की वस्तुओं से मुक्त करने के लिए सशक्त अभियान चल रहा है। साथ ही, अक्षय ऊर्जा के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए 450 गीगावाट ऊर्जा का उत्पादन लक्ष्य के साथ–साथ अंतरराष्ट्रीय सौर्य गठबंधन भी भारत की पहल का ही परिणाम है। एक ओर जहां गरीब, युवा, महिला, किसान, मजदूर, अनु.जा., अनु.ज.जा, पिछड़ा एवं समाज के अन्य कमजोर वर्गों का व्यापक स्तर पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सशक्तिकरण हो रहा है, भारत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में अनेक अंतरराष्ट्रीय विषयों पर पहल कर रहा है। जहां मोदी सरकार गरीब से गरीब व्यक्ति के आंसुओं को पोंछने को कटिबद्ध है, वहीं यह एक महान देश का आधार भी तैयार कर रही है जो वैश्विक समस्याओं का समाधान बन सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले पांच वर्षों में अनगिनत उपलब्धियां प्राप्त की हैं। ये वैसी उपलब्धियां हैं जो कुछ वर्ष पूर्व तक अप्राप्य दिखती थी और आलोचक इन्हें असंभव कहकर इनकी आलोचना करते थे। परंतु यह देश का सौभाग्य है कि इन सब आलोचकों को निरंतर मुंह की खानी पड़ी है और मोदी सरकार न केवल लक्ष्य से अधिक सिद्ध कर रही है, बल्कि समय से पूर्व ही सभी उपलब्धियां प्राप्त कर रही हैं। अनेक योजनाएं जैसे स्वच्छ भारत, उज्ज्वला, आयुष्मान, इन्द्रधनुष, उजाला और भी कई ऐसे अभिनव पहलों से देश के आम जन–जीवन में व्यापक परिवर्तन आया है। ऐसी ही अद्भुत उपलब्धियों के कारण विश्व आज भारत को अचंभे से देख रहा है और इन पहलों की भरपूर सराहना भी कर रहा है। यह भारत के 130 करोड़ जनता की शक्ति का ही परिणाम है कि जब भारत के प्रधानमंत्री वैश्विक मंचों पर अपने विचार रखते हैं तो पूरी दुनिया उनकी बातों को ध्यान से सुनती है। भारत अब दुनिया भर में भरोसे और सम्मान के साथ अपना स्थान बना रहा है। ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम की भारी सफलता इसका जीता–जागता उदाहरण है। संयुक्त राष्ट्र में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के विचार तथा विश्व समुदाय के प्रति देश के दायित्वबोध को बखूबी रखा तथा साथ ही देश की प्राथमिकताओं से भी दुनिया को अवगत कराया। स्वामी विवेकानंद एवं महात्मा गांधी जैसे महापुरुषों के विचार एवं दर्शन से पूरी मानवता आज भी प्रेरणा लेती है और इन्हीं के शब्दों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व को भी भारत का संदेश दिया।

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