पिछले छह वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की क्षमता 13 गुना बढ़ी है: नरेन्द्र मोदी


केरल के पुगलुर-त्रिशूर पावर ट्रांसमिशन परियोजना, कासरगोड सौर ऊर्जा परियोजना और
अरूविक्करा स्थित जल शोधन संयंत्र का उद्घाटन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 19 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केरल के पुगलुर-त्रिशूर पावर ट्रांसमिशन परियोजना, कासरगोड सौर ऊर्जा परियोजना और अरूविक्करा स्थित जल शोधन संयंत्र का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम के दौरान श्री मोदी ने तिरुवनंतपुरम में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और स्मार्ट रोड परियोजना का शिलान्यास भी किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की क्षमता 13 गुना बढ़ गई है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के माध्यम से दुनिया को भी एकजुट किया है।

श्री मोदी ने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हमारी उपलब्धियां जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई सुनिश्चित करती हैं और हमारे उद्यमियों को प्रोत्साहन देती हैं। उन्होंने कहा कि हमारे अन्नदाताओं को ऊर्जादाता बनाने के लिए किसानों को सौर क्षेत्र से भी जोड़ा जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों को 20 लाख से अधिक सौर ऊर्जा पंप दिए जा रहे हैं।

श्री मोदी ने कहा कि आज से शुरू होने वाले विकास कार्यों का विस्तार केरल के सभी हिस्सों तक है और इनमें विविध क्षेत्रों का समावेश है। ये कार्य केरल जैसे सुंदर राज्य, जहां के लोग भारत की प्रगति में व्यापक योगदान दे रहे हैं, को शक्ति प्रदान करेंगे और उसे सशक्त बनायेंगे।

उन्होंने कहा कि 2000 मेगावाट वाली अत्याधुनिक पुगलुर-त्रिशूर हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट प्रणाली, जिसका आज उद्घाटन किया गया है, राष्ट्रीय ग्रिड के साथ केरल का पहला एचवीडीसी इंटरकनेक्शन है और यह राज्य में बिजली की बढ़ती मांगों को पूरा करने के लिए विशाल मात्रा में बिजली के हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करेगी। यह पहला मौका है जब देश में ट्रांसमिशन के लिए वीएससी कनवर्टर तकनीक का उपयोग किया गया है।

श्री मोदी ने कहा कि अपने आंतरिक बिजली उत्पादन के मौसमी प्रकृति की वजह से केरल मुख्य रूप से राष्ट्रीय ग्रिड से बिजली के आयात पर निर्भर है और एचवीडीसी प्रणाली इस खाई को पाटने में मदद करती है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस परियोजना में उपयोग किए जाने वाले एचवीडीसी उपकरण भारत में बनाए गए हैं और इससे आत्मनिर्भर भारत आंदोलन को शक्ति मिलती है।

कोच्चि (केरल) में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोच्चि (केरल) में 14 फरवरी को विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर श्री मोदी ने कहा कि आज उद्घाटन किए गए कार्यों में विविध क्षेत्र शामिल हैं। वे भारत के विकास पथ को ऊर्जा प्रदान करेंगे।

उन्होंने कहा कि आज शुरू होने वाली प्रोपीलीन डेरिवैटिव पेट्रोकेमिकल परियोजना (पीडीपीपी) से भारत को आत्मनिर्भर होने की यात्रा में मदद मिलेगी, क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। उद्योगों की एक विस्तृत शृंखला हासिल होगी और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसी तरह रो-रो वेसल्स के साथ जलमार्ग के रास्ते सड़क की लगभग तीस किलोमीटर की दूरी 3.5 किलोमीटर हो जाएगी जिससे भीड़-भाड़ कम होने और अधिक सुविधा मिलने के साथ वाणिज्य और क्षमता-निर्माण में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार केरल में पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए अनेक प्रयास कर रही है। कोच्चि में इंटरनेशनल क्रूज़ टर्मिनल, सागरिका का उद्घाटन इसका एक उदाहरण है। सागरिका क्रूज टर्मिनल समुद्री पर्यटन करने वाले एक लाख से अधिक पर्यटकों की आवश्यकताएं पूरी करेगा। श्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर महामारी संबंधी प्रतिबंधों के कारण स्थानीय पर्यटन में वृद्धि की चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यटन सूचकांक रैंकिंग में भारत पैंसठ से चौंतीसवें स्थान पर आ गया है।