देश की जनता ने दिया भाजपा को भरपूर आशीर्वाद


बिहार में श्री नीतीश कुमार द्वारा सातवीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ-साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य में और अधिक सुदृढ़ होकर उभरा है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा शुरू से ही कहते रहे हैं कि भाजपा और जदयू द्वारा जीती हुई सीटों की संख्या कितनी भी हो, मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ही होंगे। इस प्रतिबद्धता पर खरा उतरने के साथ श्री तारकिशोर प्रसाद एवं श्रीमती रेणु देवी ने बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। प्रदेश की जनता का जनादेश प्राप्त कर राजग ने अपनी एकजुटता को पुनः प्रमाणित किया है, पहले से अधिक सुदृढ़ हुआ है तथा ‘आत्मनिर्भर बिहार’ का मार्ग प्रशस्त करते हुए जनता के प्रति समर्पण एवं अपनी सेवाभावी प्रतिबद्धता का एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह जनता के प्रति दायित्वबोध, अटूट प्रतिबद्धता एवं जन-जन के लिए समर्पित सेवाभावी कार्य ही है जो बार-बार जनता के आशीर्वाद के रूप में चुनाव-दर-चुनाव राजग पर विजय के रूप में बरसता रहा है। बिहार में राजग की जीत प्रदेश की जनाकांक्षाओं की जीत है।

एक ओर जहां बिहार की जनता ने राजग को विजय का आशीर्वाद दिया, वहीं दूसरी ओर राजद-कांग्रेस-कम्युनिस्ट महागठबंधन को पूरी तरह से नकार दिया। यह एक विडंबना ही है कि हार को स्वीकार करने की जगह विपक्ष राजग घटकों को प्रलोभन देकर पिछले दरवाजे से सरकार बनाने की जुगत बिठा रहा था। इतना ही नहीं, ‘महागठबंधन’ के अंदर मचा घमासान भी अब जनता के सामने है जबकि राजद कांग्रेस पर हार का ठीकरा फोड़ने में लगी है। अपनी पुरानी गलतियों को सुधारने एवं जनाकांक्षाओं के अनुरूप अपने कार्यक्रम एवं नीति बनाने के स्थान पर विपक्ष अब भी वंशवाद, जातिवाद, तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार एवं राजनीति के अपराधीकरण के अपने पुराने हथकंडों को ही बार-बार आजमा रहा है।

उनके पास जनता के लिए न तो कोई कार्यक्रम है, न ही भविष्य के लिए कोई दृष्टि और जब भी बोलते हैं तब उनकी जनविरोधी एवं विकास विरोधी मानसिकता सामने आ जाती है। जनता इन पार्टियों को आत्ममंथन करने में असफल रहने के कारण बार-बार दंड दे रही है।

जहां बिहार में ‘महागठबंधन’ संकटों से घिरा हुआ है, वहीं राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस को अपना अस्तित्व बचाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। परंतु इसके बाद भी यह अत्यंत दुर्भाग्यजनक है कि जनभावनाओं का सम्मान करने के स्थान पर कांग्रेस निरंतर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है और यहां तक कि ‘गुपकार गुट’ जो जम्मू-कश्मीर में धारा-370 को वापस लाना चाहती है, उसे समर्थन देना चाहती है। यह लगभग हर राष्ट्रीय भावनाओं के न केवल विपरीत कार्य करती है, बल्कि अपनी राजनैतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए किसी भी स्तर तक गिरने से नहीं चूक रही है। हाल ही में अगस्ता-वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के नाम उजागर होने से अब यह स्पष्ट है कि कांग्रेस लोकतंत्र विरोधी एवं सत्ता-केंद्रित वंशवादी एवं स्वार्थी राजनेताओं की पार्टी बनकर रह गई है।

आज भारत के जन-जन का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा पर अटूट विश्वास है। कोविड-19 महामारी में जब विश्व के शक्तिशाली देश भी बुरी तरह से प्रभावित हुए, भारत ने न केवल व्यापक स्वास्थ्य अवसंरचना का निर्माण किया बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी भूखा न सोए। गरीब, महिला, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग, किसान, प्रवासी मजदूर, छोटे उद्यमी, रेहड़ी-पटरी वाले, छोटे उद्योग, कृषि क्षेत्र को भारी राहत तथा हर क्षेत्र में व्यापक सुधार- इतिहास में ऐसे उदाहरण के रूप में अंकित किए जाएंगे कि कैसे चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित किया जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सुदृढ़ नेतृत्व से पूरे देश में जनता ने प्रेरित होकर व्यापक सेवा कार्य किए तथा भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा के दिशानिर्देशों में भाजपा के करोड़ों कार्यकर्ताओं ने ‘सेवा ही संगठन’ के मंत्र पर कार्य करते हुए देश के कोने-कोने में राहत पहुंचाई। जहां बिहार की जनता ने भाजपा कार्यकर्ताओं की कठोर मेहनत को अपना आशीर्वाद देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अपनी दृढ़ आस्था व्यक्त की, वहीं देश के विभिन्न प्रदेशों में हुए उपचुनावों में देश की जनता ने भाजपा को भरपूर आशीर्वाद दिया है। देश अब ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपनों को साकार करने के लिए आगे चल पड़ा है।

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