क्यूआरएसएएम प्रणाली का द्वितीय सफल उड़ान परीक्षण


क्विक  रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल (क्यूआरएसएएम) प्रणाली ने 17 नवंबर को एक उड़ान परीक्षण में हवाई लक्ष्य का सटीक रूप से पता लगाया और सफलतापूर्वक लक्ष्य को तय समय में मार गिराया। उड़ान परीक्षणों की शृंखला में यह द्वितीय उड़ान परीक्षण ओडिशा तट पर एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर से किया गया। यह परीक्षण एक बार फिर से उच्च क्षमता वाले मानवरहित जेट हवाई लक्ष्य, जिसे बंशी कहा गया, के खिलाफ किया गया जो एक विमान के अनुरूप है।

रडार ने काफी लंबी दूरी से ही लक्ष्य का पता लगा लिया और मिशन कंप्यूटर द्वारा स्वचालित तरीके से मिसाइल के दागे जाने तक उसकी निगरानी करता रहा। रडार डेटा लिंक के माध्यम से मिसाइल को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया जाता रहा। मिसाइल ने टर्मिनल सक्रिय होमिंग मार्गदर्शन में प्रवेश किया और लक्ष्य के इतने करीब पहुंच गया, जोकि आयुध सक्रियण के संचालन के लिए पर्याप्त था।

यह उड़ान परीक्षण हथियार प्रणाली की तैनाती विन्यास में किया गया था जिसमें लॉन्चर, पूर्ण रूप से स्वचालित कमान और नियंत्रण प्रणाली, निगरानी प्रणाली और मल्टीफंक्शन रडार शामिल थे। यह क्यूआरएसएएम हथियार प्रणाली, जिसका संचालन गतिशील स्थिति में किया जा सकता है, में सभी स्वदेशी रूप से विकसित उपप्रणाली शामिल हैं। परीक्षण के सभी उद्देश्य पूर्ण रूप से प्राप्त किए गए। यह प्रक्षेपण भारतीय सेना के उपयोगकर्ताओं की उपस्थिति में किया गया।

रडार, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रोऑप्टिकल सेंसर जैसे कई रेंज उपकरण तैनात किए गए थे जिन्होंने उड़ान के संपूर्ण डेटा को कैप्चर किया और मिसाइल के प्रदर्शन को सत्यापित किया।

क्यूआरएसएएम परीक्षण की शृंखला में पहला परीक्षण 13 नवंबर, 2020 को किया गया जिसमे सीधा प्रहार करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की गई। दूसरे परीक्षण ने आयुध के प्रदर्शन के मापदंडों को साबित कर दिया।