हम पश्चिम बंगाल को सोनार बांग्ला बनाकर रहेंगे: अमित शाह


भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 19 दिसंबर, 2020 को मिदनापुर कॉलेज ग्राउंड, मिदनापुर में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया और राज्य की जनता से भ्रष्टाचार और अराजकता की पर्यायवाची बन चुकी पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को जड़ से उखाड़कर विकास के लिए समर्पित भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का आह्वान किया। सबसे पहले श्री शाह ने कोलकाता स्थित श्री रामकृष्ण मिशन में स्वामी विवेकानंद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात् उन्होंने मिदनापुर के प्रसिद्ध मां सिद्धेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। वे वीर शहीद खुदीराम बोस के घर भी गए और उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात् उन्होंने देवी महामाया मंदिर में भी पूजा अर्चना की। पूजा-अर्चना के बाद वे मेदिनीपुर के बेलिजुरी गांव गए और किसान परिवार के घर दोपहर का भोजन किया।

मिदनापुर कॉलेज ग्राउंड में आयोजित जनसभा में जनता का उत्साह देखते ही बनता था। ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारों से पूरा मिदनापुर गुंजायमान हो रहा था। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सरकार में मंत्री रह चुके श्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने सहयोगियों के साथ गृह मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। मंच पर श्री शाह के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री दिलीप घोष, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के प्रभारी श्री कैलाश विजयवर्गीय, पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मुकुल रॉय, पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री राहुल सिन्हा, केंद्रीय मंत्री सुश्री देबोश्री चौधरी, सांसद श्री ज्योतिर्मय महतो, सुश्री लॉकेट चटर्जी, श्री सौमित्र खान, राज्य सभा सांसद श्री स्वपन दास गुप्ता, भारती घोष, सान्याल दत्ता भी उपस्थित थे। श्री शाह के साथ इस जनसभा के केंद्र बिंदु श्री शुभेंदु अधिकारी भी थे जिन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री जी की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। श्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के कई विधायकों, सांसद, जिला परिषदों और अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भी भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री अमित शाह ने मंच पर श्री शुभेंदु अधिकारी जी का हार्दिक स्वागत किया।

श्री शाह ने पश्चिम बंगाल की पावन धरा को नमन करते हुए कहा कि मिदनापुर की यह भूमि महान शिक्षा शास्त्री एवं समाज सुधारक श्री ईश्वर चन्द्र विद्यासागर और वीर शहीद खुदीराम बोस की जन्मभूमि है। मैं आज शहीद खुदीराम बोस के घर जाकर उन्हें अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करके वहां की माटी को अपने कपाल पर लगाकर आया हूं। मैं उनकी भूमि को बारंबार नमन करता हूं। मैं साथ ही, पूर्व मुख्यमंत्री अजय मुखर्जी, पूर्व सांसद सतीश जी एवं जन संघ के हमारे पूर्व सांसद स्वर्गीय दुर्गाचरण बनर्जी जी का भी पुण्य स्मरण करता हूं। उन्होंने कहा कि आज हमारे साथ एक सांसद, नौ विधायक, एक पूर्व मंत्री, एक राज्य मंत्री, 15 काउंसिलर, 45 चेयरमेन और जिला पंचायत के दो अध्यक्ष जुड़े हैं। श्री शुभेंदु अधिकारी जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, कम्युनिस्ट–सभी पार्टियों से अच्छे लोग आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में काम करने के लिए भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। मैं उन सबका हृदय से भारतीय जनता पार्टी में स्वागत करता हूं।

ममता बनर्जी पर हमला जारी रखते हुए श्री शाह ने कहा कि दीदी को 10 करोड़ बंगाली जनता का भविष्य दिखाई नहीं पड़ता, करोड़ों युवाओं का भविष्य दिखाई नहीं पड़ता। उनकी नजर में उनका भतीजा ही सब कुछ है, वे हमेशा इसी बात में रहती हैं कि अपने भतीजे को मुख्यमंत्री कैसे बनाएं। मैं पश्चिम बंगाल की जनता से पूछने आया हूं कि पश्चिम बंगाल के युवाओं का क्या दोष है कि प्रदेश का विकास नहीं हो रहा। मैं पूछने आया हूं पश्चिम बंगाल के किसानों से कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जो देश के किसानों को सालाना 6,000 रुपये की सहायता राशि दे रहे हैं, वह पश्चिम बंगाल के किसानों को क्यों नहीं मिल रहा? देश के लगभग 10 करोड़ किसानों को लगभग 95,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि अब तक मिल चुकी है लेकिन पश्चिम बंगाल के किसानों को एक भी रुपया नहीं मिला। क्योंकि ममता दीदी लाभार्थी किसानों की सूची ही केंद्र को नहीं भेजती। देश भर की गरीब जनता को पांच लाख रुपये तक की सभी स्वास्थ्य सुविधाएं मुफ्त में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देते हैं। ये सुविधा पश्चिम बंगाल की गरीब जनता को भी मिलनी चाहिए थी, लेकिन ममता दीदी राज्य में इस योजना को लागू ही नहीं होने देती। जब तक पश्चिम बंगाल में ममता दीदी की सरकार है और जब तक राज्य की जनता तृणमूल कांग्रेस की सरकार को उखाड़कर फेंक नहीं देती, तब तक प्रदेश में न तो गरीबों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलने वाला है और न ही किसानों को किसान सम्मान निधि का ही लाभ मिलने वाला है।

श्री शाह ने ने कहा कि आज मैंने एक किसान परिवार के घर पर भोजन करके आया हूं। मैंने उनसे पूछा कि क्या आपको केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का फायदा मिला है तो उन्होंने कहा कि अब तक नहीं मिला है। फिर मैंने उनसे पूछा कि घर कैसे बनाया, क्या इसके लिए लोन लेना पड़ा तो किसान बंधु ने बताया कि घर बनाने के लिए लोन नहीं लेना पड़ा, यह श्री नरेन्द्र मोदी की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना है। पश्चिम बंगाल की गरीब जनता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जो करना चाहते हैं, उसमें तृणमूल सरकार सबसे बड़ी बाधा बन कर खड़ी है।

तृणमूल सरकार को आड़े हाथों लेते हुए श्री शाह ने कहा कि ममता दीदी ने पश्चिम बंगाल के विकास का वादा किया था लेकिन राज्य का विकास तो हुआ नहीं, मगर यहां पर टोलबाजी और अराजक तत्वों को राजनीतिक शरण मिली। ममता दीदी, आपने पश्चिम बंगाल से भ्रष्टाचार को ख़त्म करने का वादा किया था लेकिन अम्फान तूफ़ान के पीड़ितों के लिए जो सहायता भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार ने भेजी, उसे भी आपके समर्थित लोग हड़प कर गए। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कोरोना कालखंड में पश्चिम बंगाल की गरीब जनता के लिए 8 महीनों तक जो मुफ्त अनाज भेजे, उसे भी तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता हड़प ले गए, गरीब जनता को कुछ भी मिल नहीं पाया। यहां तक कि इस मामले में हाईकोर्ट को ऑर्डर देना पड़ा कि इसकी सीएजी से जांच कराई जाए। ममता दीदी, आपको शर्म आनी चाहिए कि गरीब के पेट का अनाज आपके कार्यकर्ता लूट ले गए। इसलिए, पश्चिम बंगाल की जनता आपको नहीं चाहती।

श्री शाह ने पश्चिम बंगाल की जनता का आह्वान करते हुए कहा कि आपने राज्य में तीन दशकों तक कांग्रेस को मौक़ा दिया, 27 वर्षों तक वामपंथी पार्टियों को मौक़ा दिया, ममता दीदी को भी 10 वर्ष का समय दिया। अब आप एक पांच वर्ष का सेवा का अवसर भारतीय जनता पार्टी को भी दीजिए, हम पश्चिम बंगाल को सोनार बांग्ला बनाकर रहेंगे।

दूसरा दिन

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने 20 दिसंबर, 2020 को बीरभूम, पश्चिम बंगाल में प्रेस वार्ता को संबोधित किया और विभिन्न विषयों पर तृणमूल कांग्रेस की पोल खोलते हुए ममता बनर्जी सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला। उन्होंने पश्चिम बंगाल को ‘सोनार बांग्ला’ बनाने के भारतीय जनता पार्टी सरकार के उद्देश्य को दोहराते हुए प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्धता प्रकट की। इससे पहले उन्होंने आज श्यामबती, पारुलडांगा (बीरभूम) में बाउल गायक परिवार के साथ दोपहर का भोजन किया और बोलपुर (बीरभूम) में हनुमान मंदिर, स्टेडियम रोड से बोलपुर सर्कल तक भव्य रोड शो किया। रोड शो में अपार भीड़ उमड़ी। पूरा बोलपुर ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गुंजायमान हो रहा था। जहां तक भी नजर जा रही थी, हर जगह भाजपा का झंडा ही झंडा और भगवा साफा पहने लोग ही लोग दिखाई दे रहे थे।

रोड शो में जनता को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि मैंने कई रोड शो किये हैं और देखे हैं, लेकिन आज के जैसा रोड शो मैंने पहले कभी नहीं देखा। आज स्पष्ट हो गया है कि पश्चिम बंगाल की जनता परिवर्तन चाहती है। प्रदेश की जनता तय कर चुकी है कि इस बार के विधान सभा चुनाव में वह राज्य की सेवा का अवसर भारतीय जनता पार्टी को देगी। ये रोड शो पश्चिम बंगाल की जनता का देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति अटूट विश्वास को दिखाता है। साथ ही, यह रोड शो पश्चिम बंगाल की जनता का ममता दीदी के प्रति गुस्से का भी प्रतीक है। ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के बीच उन्होंने कहा कि बंगाल में लोगों ने ‘पोरिबर्तन’ (बदलाव) का फैसला कर लिया है लेकिन ये बदलाव सिर्फ व्यक्ति का बदलाव नहीं बल्कि प्रदेश के विकास के लिए है।

उन्होंने रोड शो में उमड़े विशाल जन-समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि आपने कांग्रेस को मौक़ा दिया, कम्युनिस्टों को मौक़ा दिया और तृणमूल कांग्रेस को भी बहुत समय दिया। आप सेवा का एक अवसर भारतीय जनता पार्टी को भी दीजिये, हम पांच वर्षों में पश्चिम बंगाल को ‘सोनार बांग्ला’ बनाकर रहेंगे। हम पश्चिम बंगाल को देश के महान सपूतों नेताजी सुभाष चन्द्र बोस और गुरुदेव रबीन्द्रनाथ टैगोर के सपनों का बंगाल बनायेंगे। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक रोड शो में उपस्थित भाइयों और बहनों को मैं प्रणाम करता हूं और भाजपा की तरफ से आप सभी का आभार भी व्यक्त करता हूं।

       पश्चिम बंगाल की बदहाली की जिम्मेवारी किसकी?

जब भारत आजाद हुआ, उस वक्त देश की जीडीपी का एक तिहाई हिस्सा पश्चिम बंगाल का हुआ करता था और आज वह घटकर एकदम नीचे चली गई है। लगभग तीन दशक के कम्युनिस्ट शासन और एक दशक के तृणमूल कांग्रेस के शासन में यह ग्राफ गिरता ही चला गया। इसकी जिम्मेवारी किसकी है?
• आजादी के वक्त इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में पश्चिम बंगाल का योगदान 30% था जो आज घट कर 3.5 पर्सेंट रह गया है। मैं पूछना चाहता हूं ममता दीदी और कम्युनिस्ट पार्टी से कि इसका जिम्मेदार कौन है? रोजगार में 1960 में पश्चिम बंगाल का सेटिस्फेक्शन रेशियो पहले 27% था, वह 4% पर आ गया है। इस गिरावट का जिम्मेदार कौन है?

• 1960 में पश्चिम बंगाल में प्रति व्यक्ति आय महाराष्ट्र के प्रति व्यक्ति आय से 105% अधिक थी अर्थात् महाराष्ट्र के प्रति व्यक्ति आय का लगभग दोगुना थी, लेकिन आज पश्चिम बंगाल में प्रति व्यक्ति आय महाराष्ट्र की आधी भी नहीं रह गई है। 2018-19 में देश के 32 राज्यों की प्रति व्यक्ति आय की सूची में करेंट मूल्यों के आधार पर पश्चिम बंगाल 22वें स्थान पर रहा जबकि स्थिर मूल्यों के आधार पर 24वें स्थान पर रहा। कौन जिम्मेवार है इसका?

• एक समय था, जब पश्चिम बंगाल में बंदरगाहों पर आवाजाही लगभग 42% हुआ करती थी जो आज घट कर केवल 10% रह गया है, आखिर कौन जिम्मेदार है इसका?

• 50 के दशक में देश की फार्मा इंडस्ट्री में लगभग 70% फार्मास्यूटिकल प्रोडॅक्ट का उत्पादन पश्चिम बंगाल में होता था जो आज गिरकर मात्र 7% रह गया है, कौन जिम्मेदार है?

• पश्चिम बंगाल में जूट उद्योग किसानों, मजदूरों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हुआ करता था लेकिन आज अधिकांश जूट मिलें बंद है। आखिर यह किसकी जिम्मेदारी है?

• भारत के सकल घरेलू उत्पादन में 2011-12 में पश्चिम बंगाल 6.03 पर पहुंच गया। उद्योग क्षेत्र में वृद्धि के संदर्भ में पश्चिम बंगाल 32 राज्यों की सूची में 20वें स्थान पर है। सेवा के क्षेत्र में वृद्धि के मामले में यह केवल 5.8% पर है और राज्यों की सूची में 28वें स्थान पर है।

• राज्य के स्वयं के राजस्व की वृद्धि में पश्चिम बंगाल 2011-12 और 2019-20 के मध्य 31 राज्यों की सूची में 16वें स्थान पर रहा।

• एक आंकड़े के अनुसार पश्चिम बंगाल में जो भी बच्चा जन्म लेता है, वह 50 हजार रुपये के कर्ज के साथ जन्म लेता है। अन्य राज्यों में कर्ज ज्यादा भी हो सकता है लेकिन अन्य राज्यों में विकास भी हुआ है जो पश्चिम बंगाल में कहीं दिखाई नहीं देता। यहां सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क, पता नहीं चलता।

• प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में बंगाल की हिस्सेदारी 2011 में भी 1% थी, आज 2020 में भी 1% ही है।

• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मामले में पश्चिम बंगाल में 58% कमी है जबकि कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में 36% की कमी है। प्रति हजार लोगों पर उपलब्ध बेड की संख्या के आधार पर भी पश्चिम बंगाल की स्थिति काफी निराशाजनक है, यह 23वें स्थान पर है। आखिर यह किसकी जिम्मेवारी है?

• प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के लिए लगभग 39% स्थान खाली है। स्पेशियलिटी और सर्जन के लिए लगभग 87% स्थान खाली है।

• शहरी विकास के लिए केंद्र सरकार ने जो ग्रांट भेजी है, वह भी पश्चिम बंगाल में खर्च नहीं हो पाया।

• शिक्षा के क्षेत्र में पश्चिम बंगाल में 90% प्राथमिक स्कूलों में डेस्क नहीं है। लगभग 30% से ज्यादा स्कूलों में पर्याप्त क्लासरूम नहीं है। 10% स्कूलों में बिजली कनेक्शन ही नहीं है और 56% स्कूलों में शौचालय नहीं है। प्रति एक लाख की जनसंख्या पर केवल 13 कॉलेज हैं। इस क्षेत्र में पश्चिम बंगाल 32 राज्यों की सूची में 28वें स्थान पर है।