ममता दीदी, आपके हाथ अपने ही राज्य के लोगों के खून से सने हुए हैं : जगत प्रकाश नड्डा


भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 5 मई 2021 को प्रदेश भाजपा कार्यालय, हेस्टिंग्स (कोलकाता) में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में जारी हिंसा के तांडव के विरोध में और बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना के लिए विरोध प्रदर्शन किया। श्री नड्डा के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के भाजपा के सभी नव-निर्वाचित विधायकों, पार्टी के सांसदों, कोर कमिटी के सदस्यों और प्रवक्ताओं ने ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण, बंगाल से राजनीतिक हिंसा को ख़त्म करने और राज्य में गणतंत्र की स्थापना करने की शपथ ली। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद श्री दिलीप घोष ने सभी को ठीक पूर्वाह्न 10:45 बजे बांग्ला में शपथ दिलाई।
इसके पश्चात् भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित किया और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में जारी हिंसा को राज्य प्रायोजित बताते हुए 2 मई को ममता बनर्जी का ‘खेला होबे डे’ बताया।
प्रेस वार्ता की शुरुआत में बंगाल में जारी हिंसा में जान गंवाने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं, घायल पार्टी कार्यकर्ताओं, बंगाल से पलायन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं और तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में गुंडों द्वारा मचाये गए हिंसा के तांडव से संबंधित एक वीडियो भी चलाया गया। वीडियो में चुनाव के दौरान ममता बनर्जी और तृणमूल विधायक हमीदुल रहमान के हिंसा को उकसावे वाले बयानों को भी दिखाया गया। प्रेस वार्ता में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री दिलीप घोष, प्रदेश भाजपा प्रभारी श्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व सांसद श्री सुवेंदु अधिकारी, श्री शमिक भट्टाचार्य, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, श्री दुष्यंत गौतम एवं श्री तरुण चुघ और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री दिनेश त्रिवेदी सहित कई पार्टी सांसद और पार्टी पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि 2 मई 2021 के दोपहर से बंगाली जनता की जो निर्दयतापूर्वक और बर्बरतापूर्ण हत्याएं हो रही हैं, महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं और दुकानों एवं घरों को लूटा जा रहा है, इसकी मैं कठोर निंदा करता हूं। भारतीय जनता पार्टी एकजुट होकर स्टेट स्पांसर्ड ट्रेजडी की इस घड़ी में बंगाल की जनता के साथ खड़ी है। बंगाल में जारी हिंसा और पलायन की घटनाओं को देखकर मुझे अनायास ही विभाजन के समय की त्रासदी याद हो आई है। 2 मई की दोपहर से शुरू हुआ हिंसा का तांडव, 16 अगस्त 1946 के ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ की तुलना में तनिक भी कम नहीं है। नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने चुनावों के दौरान ‘खेला होबे’ की बात कही थी, इस परिप्रेक्ष्य में निश्चित रूप से 2 मई को ममता बनर्जी के ‘खेला होबे डे’ के रूप में याद किया जाएगा।
ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार करते हुए श्री नड्डा ने कहा कि 2 मई की दोपहर से ही तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में हिंसा हो रही है और मुख्यमंत्री 36 घंटे तक चुप बैठी रहती हैं, ये बताता है कि ये हिंसा न केवल स्टेट स्पांसर्ड है बल्कि इस हिंसा के पीछे उनकी भागीदारी भी है। दीदी, आपकी चुप्पी बहुत कुछ बोलती है। बंगाली जनता के खून से सने हुए हाथ के साथ ममता दीदी की बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में तीसरी पारी शुरू हुई है।
श्री नड्डा ने कहा कि हिंसा की इन वीभत्स घटनाओं को देखकर इसके पैटर्न का पता चलता है। तृणमूल कांग्रेस समर्थित लोगों ने भाजपा के ग्रासरूट लेवल के कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमला किया, पार्टी कार्यकर्ताओं के परिजनों पर हमला किया और ख़ासकर महिलाओं को टारगेट किया गया। लोगों के घर तोड़े गए, घर और दुकानें लूट ली गई और हजारों लोगों को बंगाल से बाहर पलायन करने पर मजबूर किया गया। इन वारदातों में महिलाओं के साथ पाशविक क्रूरता और बलात्कार की घटनाएं भी सामने आई हैं। जब मैं कहता था कि बंगाल में महिलायें सबसे अधिक असुरक्षित हैं, तो मैं सच था। जनादेश से जमीनी सच्चाई छुप नहीं सकती।
श्री नड्डा ने कहा कि संदेशखली, होसाबा और ईस्ट कैनिंग सहित कई गांवों को तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में उनके समर्थित गुंडों ने बंधक बना लिया और पूरे गांव में लूटपाट की। हजारों लोग जान बचाने के लिए असम चले गए हैं। ईस्ट कैनिंग वही एरिया है जिसे पहले अम्फान की त्रासदी झेलनी पड़ी थी और अब वहां के लोगों को ‘ममताफान’ झेलना पड़ रहा है। वहां के लोगों को तो डबल ट्रेजडी का सामना करना पड़ रहा है।
श्री नड्डा ने कहा कि बंगाल में तृणमूल कांग्रेस जीती जरूर है लेकिन मानवता हार रही है। जब मैं कल बंगाल आया था, तब तक हमारे 9 कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या की गई थी लेकिन अब ये आंकड़ा बढ़ कर 14 तक पहुंच गया है। मुझे नहीं पता कि ये सिलसिला कहां जाकर रुकेगा। मैं इतना जरूर स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि भारतीय जनता पार्टी पूरी दृढ़ता के साथ बंगाल के हर भाजपा कार्यकर्ता के साथ खड़ी है।
श्री नड्डा ने कहा कि बंगाल की जनता ने हमें 77 विधायक और लगभग 38 प्रतिशत वोट देते हुए विपक्ष की बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है। हम बंगाल की भलाई और बंगाली अस्मिता की रक्षा के लिए कटिबद्ध होकर काम करते हुए रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभायेंगे। ममता दीदी, आपके हाथ अपने ही राज्य के लोगों के खून से सने हुए हैं। बंगाल में जो कुछ भी हो रहा है, वह निश्चित रूप से स्टेट स्पांसर्ड अटैक है।
श्री नड्डा ने कहा कि पिछले दो दिनों से ह्यूमन राइट्स के सभी तथाकथित स्वयंभू चैम्पियंस में पता नहीं, कौन सी चुप्पी छा गई है, उनके मुंह से कुछ निकल ही नहीं रहा। ये सेलेक्टिव ह्यूमन राइट्स की लड़ाई लड़ते हैं क्या? विपक्षी पार्टियों की ओर से भी बंगाल में जारी हिंसा के तांडव पर कोई स्टेटमेंट नहीं आया है।
श्री नड्डा ने कहा कि आज मैं बहुत पीड़ा में हूं। मैं पुनः इस बात को दोहराना चाहता हूं कि ममता दीदी की संस्कृति, बंगाल की संस्कृति नहीं है। न उनकी भाषा से बंगला की महान संस्कृति परिलक्षित होती है, न ही उनके कृतित्व से। आज महर्षि अरविंदो, गुरुवर रवींद्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और बंकिम बाबू को कैसा लगता होगा? ममता दीदी ने बंगाल को कहां से कहां लाकर खड़ा कर दिया है। हिंसा और लूटपाट की ये तस्वीरें दिल दहलाने वाली हैं। दीदी, भारतीय जनता पार्टी लड़ना जानती है। हम इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक पहुंचा कर रहेंगे।