100 करोड़ टीकाकरण–एक गौरवशाली क्षण

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भारत ने कोविड-19 टीकाकरण का एक सौ करोड़ के आंकड़े का कठिन लक्ष्य पार कर लिया है। इस अद्भुत उपलब्धि से हर भारतीय का मस्तक गर्व से ऊंचा हो गया। पूरा राष्ट्र इस ऐतिहासिक उपलब्धि से गौरव का अनुभव कर रहा है। गौरव की अनुभूति तब और भी कई गुणा बढ़ जाती है, जब यह ध्यान आता है कि इस मील के पत्थर को देश ने ‘मेड इन इंडिया’ टीकों एवं स्वयं की क्षमता के आधार पर प्राप्त की है। यह चमत्कृत करने वाली उपलब्धि विश्व मंच पर एक ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आगमन का उद्घोष है जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि एवं करिश्माई नेतृत्व में हर चुनौती को अवसर में बदलने को कृतसंकल्पित है। आज जबकि अनेक विकसित देश भी टीकाकरण को पूरा करने में अनेक चुनौितयों का सामना कर रहे हैं, भारत ने यह कीर्तिमान मात्र नौ महीने में प्राप्त कर लिया। यह उपलब्धि मोदी सरकार के ‘स्पीड, स्केल एवं स्किल’ के मंत्र के लिए प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है जिससे प्रेरित होकर देश के दुर्गम स्थानों तक में भौगोलिक-सामाजिक एवं आर्थिक बाधाओं पर विजय प्राप्त करते हुए अर्जित किया गया है।

जिस गति से विश्व का सबसे बड़ा एवं सबसे तेज टीकाकरण अभियान आगे बढ़ रहा है, इससे अब कोई संदेह नहीं कि जल्द ही पूरे देश में टीकाकरण कार्य पूर्ण हो जाएगा

भारत की सौ करोड़ टीकाकरण की यात्रा अनेक गौरवशाली उपलब्धियों से सुसज्जित है। यह सतत प्रयास की गाथा है जिसमें हर दिन कोई नई सफलता एवं नई गति का गीत समाहित है। जहां 10 करोड़ टीकों के लिए लगने वाले समय को 85 से 11 दिन तक अथक प्रयासों द्वारा प्राप्त किया गया, वहीं भारत ने कई बार एक दिन में एक करोड़ से अधिक टीकाकरण का कीर्तिमान भी स्थापित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर, 2021 को उन्हें 2.5 करोड़ से अधिक टीकों का उपहार देकर देशवासियों ने एक नया विश्व रिकाॅर्ड बनाया। आज जबकि देश में कई राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने अपने शत-प्रतिशत जनसंख्या की कम से कम एक टीका लगाने में सफलता प्राप्त की है, वहीं कुछ अन्य प्रदेशों की उपलब्धियां विश्व के कई अग्रणी देशों से भी अधिक है। लगभग 140 करोड़ की जनसंख्या वाले देश के टीकाकरण करने जैसा भारी-भरकम कार्य, अब जबकि 31 प्रतिशत जनसंख्या का पूर्ण टीकाकरण एवं 75 प्रतिशत से अधिक को एक टीका लग चुका है, संभव प्रतीत हो रहा है।

भारत ने पूर्व में भी कई बार अपने गौरवशाली उपलब्धियों से अपने आलोचकों को शब्दहीन किया है और इस बार तो वे पूरी तरह गलत साबित हुए हैं। यह कोई नहीं भूल सकता है कि महामारी के भयंकर दौर में कांग्रेस एवं इसके साथी तथा ‘एक्सपर्ट’ का जामा ओढ़े इनके सहयोगियों ने देश की महामारी से लड़ने की क्षमता पर कई तरह के आधारहीन प्रश्न खड़े किए थे। यहां तक कि भारत में बने टीकों की गुणवत्ता तक पर संदेह पैदा कर देश में भ्रम की स्थिति बनाने के कुप्रयास किए गए। कांग्रेस के ये प्रायोजित ‘एक्सपर्ट’ ने इधर-उधर के आंकड़ों को जमाकर देश की असफलता की भविष्यवाणी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। ये वही लोग हैं जिनका मानना था कि देश पर्याप्त मात्रा में सैनिटाइजर, मास्क एवं दवाइयां तक नहीं बना पाएगा। परंतु देश की एकजुट शक्ति ने न केवल ‘मेड-इन-इंडिया’ टीकों से पूरे विश्व को चमत्कृत कर दिया, बल्कि दूसरे देशों को भी उनके संकट के समय में टीके, दवाइयां, चिकित्सकीय उपकरण, आॅक्सीजन एवं अन्य आवश्यक सामग्रियां उपलब्ध कराईं। कांग्रेस एवं इसके साथियों को समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सुदृढ़ एवं दृढ़निश्चयी नेतृत्व में आत्मविश्वास से भरे एक ‘नए भारत’ का उदय हो चुका है जो असंभव को संभव करने की क्षमता रखता है।

जिस गति से विश्व का सबसे बड़ा एवं सबसे तेज टीकाकरण अभियान आगे बढ़ रहा है, इससे अब कोई संदेह नहीं कि जल्द ही पूरे देश में टीकाकरण कार्य पूर्ण हो जाएगा। एक ओर जहां निःशुल्क टीके इस विशाल कार्यक्रम का अनूठा अंग है, वहीं दूसरी ओर देश की एकजुटता ने हर चुनौती का दृढ़ता से सामना करने की ऊर्जा दी है। देश के चिकित्सक, नर्स, लैब तकनिशियन, चिकित्सा कर्मचारी, फार्मा सेक्टर, प्रशासनिक वर्ग एवं कोरोना योद्धाओं के सेवा एवं समर्पण से हर भारतीय गौरवान्वित हुआ है और भारत विश्व में एक अद्भुत देश के रूप में उभरा है। आज जबकि भारत अन्य देशों को पुनः टीके उपलब्ध करा रहा है, वहीं 100 करोड़ टीकाकरण के कीर्तिमान एवं इसकी एकजुट शक्ति की चमक से विश्व का परिचय हो रहा है।

                                                        shivshaktibakshi@kamalsandesh.org