देश के राजनीतिक इतिहास में अपनी तरह की पहली ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ : तरुण चुघ

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री श्री तरुण चुघ अपने संगठनात्मक कौशल के लिए जाने जाते हैं। वे पूर्व में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् में विभिन्न दायित्वों और तत्पश्चात् भाजपा राष्ट्रीय मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं।

‘कमल संदेश’ के सह संपादक संजीव कुमार सिन्हा और राम प्रसाद त्रिपाठी के साथ एक विशेष साक्षात्कार में श्री चुघ ने ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ की भव्य योजना के पीछे के विचार और इसकी उल्लेखनीय सफलता के बारे में चर्चा की। ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के राष्ट्रीय प्रभारी श्री चुघ का कहना है कि अन्य दलों के शासन के दौरान लोगों को सरकार के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री जनता के दरवाजे तक पहुंच रहे हैं। भाजपा सरकार एवं अन्य सरकारों के बीच यही अंतर है। प्रस्तुत है इस बातचीत के प्रमुख अंश :

• सबसे पहले हम आपको देश के विभिन्न राज्यों में भाजपा द्वारा आयोजित ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ की अपार सफलता के लिए बधाई देते हैं। यात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी के रूप में इस भव्य कार्यक्रम और इसके पीछे के विचार के बारे में हमें बताइए।

केंद्र सरकार में नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने स्थापित और मान्य लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार संसद के दोनों सदनों में अपने नए सदस्यों का परिचय देना चाहा। लेकिन विपक्ष ने प्रधानमंत्री को ऐसा करने में अवरोध उत्पन्न किया।

सुविदित है कि मोदी सरकार का वर्तमान मंत्रिपरिषद् स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे समावेशी है, जहां विभिन्न जातियों, पंथ, भाषा, धर्म, वर्ग, लिंग, आयु समूह और सामाजिक समूह के लोगों का प्रतिनिधित्व है। विपक्ष ने इस परंपरा को तोड़कर पिछड़े वर्गों, महिलाओं और अन्य हाशिए के वर्गों के प्रतिनिधियों के प्रति उपेक्षा दिखाई। यह इस देश की जनता और संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।

तब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नए मंत्रियों को नए तरीके से लोगों से परिचित कराने का निर्णय लिया। नए शामिल किए गए मंत्रियों के लिए लोगों तक पहुंचने और सरकार के प्रतिनिधियों के रूप में उनसे मिलने का इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है?

मोदी सरकार की हर योजना के केंद्र में हमारे गांव, गरीब, दलित, वंचित, पिछड़ा वर्ग, युवा और महिलाएं हैं। मोदी सरकार की प्रतिबद्धता और मंत्र है- ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’। हमारा विश्वास भारत के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना है। इसलिए हमारे मंत्रीगण पिछले सात वर्षों में मोदी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का संदेश फैलाने के लिए देश के कोने-कोने का दौरा कर रहे हैं और यही इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।

• कृपया ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के बारे में हमें विस्तार से बताएं।

समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्णय के अनुसार, ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ 16 अगस्त, 2021 से शुरू हुई और 14 दिनों के बाद समाप्त हुई।

यात्रा के दौरान नए शामिल 39 केंद्रीय मंत्री अपने-अपने राज्यों में गए, सीधे नागरिकों से जुड़े और उनका आशीर्वाद लिया।

‘जन आशीर्वाद यात्रा’ ने 22 राज्यों की 212 लोकसभा सीटों के लगभग 24,173 किलोमीटर और 265 जिलों को कवर किया। 14 दिनों के दौरान 5,035 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और लगभग 25 लाख लोगों ने सीधे यात्रा में भाग लिया।

आमतौर पर यात्राएं चुनाव-अभियान के उद्देश्य से या किसी राजनीतिक कार्यक्रम के लिए या किसी मुद्दे के विरोध में आयोजित की जाती हैं। लेकिन, यहां इस यात्रा का उद्देश्य बिल्कुल अलग था। यह किसी राजनीतिक मुद्दे या चुनावों पर केंद्रित नहीं थी।

क्या आपने कभी भारत के राजनीतिक इतिहास में सुना है कि सरकार में शामिल होने वाले मंत्री नागरिकों की समस्याओं को जानने और समझने के लिए सीधे लोगों से जुड़ रहे हैं? हम जानते हैं कि एक बार चुने गए नेता अपने निर्वाचन क्षेत्रों में या लोगों के साथ बहुत कम दिखाई देते हैं। हालांकि, नए शामिल किए गए मंत्रियों को जनता से सीधे जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझना इस कार्यक्रम के पीछे का प्रमुख उद्देश्य था। यात्रा, योजना के अनुसार चली और केंद्रीय मंत्रियों को देश के लाखों नागरिकों का आशीर्वाद मिला।

‘जन आशीर्वाद यात्रा’ 16 अगस्त, 2021 से शुरू हुई और 14 दिनों के बाद समाप्त हुई
• यात्रा के दौरान नए शामिल 39 केंद्रीय मंत्री अपने-अपने राज्यों में गए, सीधे नागरिकों से जुड़े और उनका आशीर्वाद लिया
• ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ ने 22 राज्यों की 212 लोकसभा सीटों के लगभग 24,173 किलोमीटर और 265 जिलों को कवर किया
• 14 दिनों के दौरान 5,035 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और लगभग 25 लाख लोगों ने सीधे यात्रा में भाग लिया
• ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ की सफलता का पूरा श्रेय भारत की जनता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपलब्धियों, देश के सर्वांगीण विकास की उनकी प्रतिबद्धता और इस यात्रा के लिए संगठन-शिल्पी श्री जगत प्रकाश नड्डा की बेहतर योजना को जाता है

• जन आशीर्वाद यात्रा को लेकर जनता का कैसा प्रतिसाद रहा?

‘जन आशीर्वाद यात्रा’ बेहद सफल रही। जनसंपर्क का यह रूप भारत के इतिहास में पहली बार देखा गया है। राज्यों में भारत के लोगों ने नए मंत्रियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्ववाली भारतीय जनता पार्टी सरकार की सराहना की।

जैसा कि मैंने उल्लेख किया है, लगभग 5000 कार्यक्रम आयोजित किए गए थे और ये सभी कार्यक्रम सभी क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी के साथ अत्यधिक सफल रहे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा के मार्गदर्शन में एक टीम का गठन किया गया, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री एम.चुबा एओ, राष्ट्रीय सचिव सर्वश्री विनोद सोनकर, सत्य कुमार, सुनील देवधर, अरविंद मेनन एवं श्रीमती पंकजा मुंडे शामिल थे। इस टीम ने यात्रा को सफल बनाने के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ की सफलता का पूरा श्रेय भारत की जनता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपलब्धियों, देश के सर्वांगीण विकास की उनकी प्रतिबद्धता और इस यात्रा के लिए संगठन-शिल्पी श्री जगत प्रकाश नड्डा की बेहतर योजना को जाता है।

• देश के हर हिस्से में भाजपा संगठन विस्तार के लिए ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ कितनी महत्वपूर्ण रही?

‘जन धन योजना’, ‘स्वच्छ भारत’, ‘उज्ज्वला’, ‘आवास योजना’ और सैकड़ों अन्य सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से प्रधानमंत्री हमारे समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, विशेष रूप से उन लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है जो विकास की दौड़ में पीछे छूट गए है या देश के सबसे वंचित वर्ग से आते हैं।

दूसरी बात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा के कुशल नेतृत्व में पार्टी हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करने के लिए पूरे संगठन को इसमें शामिल करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए भाजपा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जनता में जागरूकता पैदा कर रही है।

अंत में, अन्य दलों के शासन के दौरान लोगों को सरकार के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री जनता के दरवाजे तक पहुंच रहे हैं। भाजपा सरकार एवं अन्य सरकारों के बीच यही अंतर है। यही कारण है कि सरकार एवं पार्टी दोनों को सभी वर्गों के लोगों का पूरे दिल से आशीर्वाद मिल रहा है और ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ ने इस तथ्य को प्रमाणित किया है।