कर्नाटक के मंत्री उमेश विश्वनाथ कट्टी नहीं रहे

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र्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और वन एवं पारिस्थितिकी मंत्री श्री उमेश विश्वनाथ कट्टी का 6 सितंबर को दिल का दौरा पड़ने से बेंगलुरु में निधन हो गया। वह 61 वर्ष के थे।

रमैया अस्पताल में मीडिया को जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री श्री आर. अशोक ने कहा कि श्री कट्टी को बेंगलुरु में उनके घर पर दिल का दौरा पड़ा और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा पाये।

उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ बेलगावी जिले के हुक्केरी तालुक में उनके पैतृक गांव बेल्लादा बगेवाड़ी में किया गया।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा, मुख्यमंत्री श्री बसवराज बोम्मई और अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा श्री उमेश कट्टी जी एक अनुभवी नेता थे, जिन्होंने कर्नाटक के विकास में भरपूर योगदान दिया। उनके निधन से आहत हूं। इस दु:खद घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं।”

श्री नड्डा ने कहा, “श्री उमेश कट्टी जी के निधन के बारे में सुनकर गहरा दु:ख हुआ। उनका जाना कर्नाटक के लिए बहुत बड़ी क्षति है। कर्नाटक के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। इस मुश्किल घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ हैं।”

श्री कट्टी कर्नाटक के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे और विधान सभा में लगभग चार दशकों से कार्यरत थे। उन्होंने नौ चुनाव लड़े और उनमें से आठ में जीत हासिल की। उन्होंने श्री बीएस येदियुरप्पा, श्री डीवी सदानंद गौड़ा, श्री जगदीश शेट्टार और श्री बसवराज बोम्मई के मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में कार्य किया।