प्रधानमंत्री जी ने सच्चे अर्थ में गरीब-कल्याण कर के दिखाया है: अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री अमित शाह ने आज जबलपुर (मध्य प्रदेश) में गैरिसन ग्राउंड, सदर (जबलपुर) में आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के तहत जनजातीय नायकों के सम्मान में आयोजित गौरव समारोह और वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 2.0 का शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। ज्ञात हो कि श्री शाह आज जबलपुर के एकदिवसीय प्रवास पर हैं। आज उन्होंने सर्वप्रथम जबलपुर में मालगोदाम चौक पर वीर बलिदानी राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किया और उनके कृतित्व को  नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने अमर शहीद राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जी की स्मृति में 5 करोड़ रुपये की लागत से संग्रहालय का भूमि पूजन भी किया। इन दोनों कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा जी के साथ-साथ जबलपुर के भाजपा सांसद श्री राकेश सिंह राज्य सरकार के लगभग सभी मंत्री, वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारी और विशाल संख्या में आम जन उपस्थित रहे। 

उज्ज्वला योजना 2.0 के तहत मध्य प्रदेश में एक करोड़ और जरूरतमंद महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस योजना के 5% अर्थात् पांच लाख से अधिक लाभार्थियों को आज ही गैस कनेक्शन दिए गए। केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी जी उज्ज्वला योजना कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़े जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली जी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

श्री शाह ने मध्य प्रदेश में उज्ज्वला योजना 2.0 कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार देश के गाँव, गरीब, किसान, दलित, पीड़ित, शोषित, वंचित, आदिवासी और महिलाओं के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने आजादी के 70 सालों तक गरीबी उन्मूलन के नाम पर वोट हड़पे लेकिन गरीबी वहीं की वहीं रही। उनका गरीबी हटाओ का नारा महज वादा बन कर रह गया। दिखावे के नाम पर कांग्रेस की सरकारें कभी छोटे-मोटे कार्यक्रम चला देती थी और कुछ लोगों को लाभ देने का दिखावा कर के जनता के वोट लेने का छल करती थी। जब एक अत्यंत गरीब परिवार में जन्म लेने वाले, गरीबी को जीने वाले श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि उनकी सरकार गरीब कल्याण के प्रति समर्पित रहते हुए देश के 60 करोड़ लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए कार्य करेगी। 

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पिछले महीने ही माननीय प्रधानमंत्री जी ने महोबा, उत्तर प्रदेश से उज्ज्वला योजना 2.0 का श्रीगणेश किया है। उन्होंने कहा कि झूठे वादे कर गरीबों के वोट तो लिए जा सकते हैं लेकिन इससे गरीब-कल्याण का सपना साकार नहीं किया जा सकता। जब तक गरीबों के जीवन स्तर को उठाने के लिए प्रयास न किये जाएँ, तब तक गरीबी को दूर करने की बातें करना बेमानी होगी। इसलिए हमारे प्रधानमंत्री जी ने शुरू से ही ऐसी नीतियाँ बनाई ताकि देश के गरीबों, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन स्तर को ऊँचा उठाया जा सके। आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से देश भर में लगभग 43 करोड़ से अधिक बैंक अकाउंट खोले गए। आज लाभार्थियों को उनका हक उनके बैंक एकाउंट में सीधे ट्रांसफर किया जाता है बिना किसी बिचौलिए के। हमारी सरकार ने हर गाँव को बिजली पहुंचाई, अब हर घर को रौशन किया जा रहा है। 2022 तक सब को अपना घर देने का निर्णय लिया गया है। कोरोना की विषम परिस्थिति में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पिछले वर्ष भी और इस वर्ष भी देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध करा रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री जी ने सच्चे अर्थ में गरीब-कल्याण कर के दिखाया है, विकास को जन-जन तक पहुंचाया है।      

श्री शाह ने कहा कि श्री शिवराज सिंह चौहान जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने भी माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में गरीब-कल्याण को अपनी सरकार का मंत्र बनाया है। बीच में कुछ समय के लिए कांग्रेस की सरकार आई लेकिन एक तरह से यह अच्छा ही हुआ कि यहाँ के नागरिकों को कांग्रेस की असलियत का पता चल गया और उन्हें दोनों सरकारों में तुलनात्मक अध्ययन करने का मौक़ा मिल गया। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आते ही हमारे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी द्वारा शुरू किये गए 17 कल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया। श्री शिवराज जी के मुख्यमंत्री बनते ही सभी 17 की 17 योजनायें पुनः शुरू हुई। इससे स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता क्या है और कांग्रेस की क्या! हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य लेकर निकले हैं जिनका उद्देश्य है – हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाना, हर बेरोजगार को रोजगार उपलब्ध कराना, हर अनपढ़ को पढ़ाना और हर भूखे को भोजन उपलब्ध कराना। मुझे इस बात की ख़ुशी है कि आज से मध्य प्रदेश में उज्ज्ज्वला योजना 2.0 का श्रीगणेश हो रहा है और एक दिन में ही आज 5 लाख गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। मैं प्रभु से कामना करता हूँ कि आपके घरों में खुशियाँ आये, आप सब स्वस्थ रहें और आगे बढ़ें। 

आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के तहत जनजातीय नायकों के सम्मान में सन 1857 में देश की आजादी के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले पिता-पुत्र राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जी के कृतित्व को नमन करते हुए श्री शाह ने कहा कि इन्हीं वीर बलिदानियों के कारण हम आज स्वतंत्रता की सांस ले रहे हैं। इस वर्ष हमारे लोकप्रिय नेता श्री नरेन्द्र मोदी जी ने एक संकल्प लिया है कि आजादी का अमृत महोत्सव मनाएंगे और फिर से देश के ऐसे गुमनाम सेनानियों के बलिदान से वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को रू-ब-रू करायेंगे। यह हमारे लिए दुर्भाग्य की बात है कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में इन अमर बलिदानियों को भुला दिया गया। यह मेरा सौभाग्य है कि ऐसे अमर शहीद पिता-पुत्र के सम्मान में बनाए जा रहे स्मारक का शिलान्यास करने का अवसर मिला है। देश में न जाने ऐसे कितने अमर शहीद हैं जिन्हें भुला दिया गया लेकिन आजादी के अमृत महोत्सव के कार्यक्रम में हम ऐसे ही गुमनाम शहीदों के बलिदान को पुनर्जीवित करेंगे। नई पीढ़ी के अंदर देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा जगाने का प्रयास है, देश की युवा पीढ़ी को भारत के गौरव से जोड़ने का का एक प्रयास है, भारत को दुनिया का सिरमौर बनाने का संकल्प है आजादी का अमृत महोत्सव। कर्तव्य के लिए देश के हर नागरिक के मन में जागरुकता और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प उत्पन्न करने का कार्यक्रम है आजादी का अमृत महोत्सव। उन्होंने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को भी नमन किया।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों ने अनुसूचित जनजाति के वीर योद्धाओं को भुलाने का काम किया है। जनजाति नेताओं ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में जो बलिदान दिए हैं, इतने बलिदान शायद ही किसी और ने दिए होंगे। इसलिए हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उन बलिदानी वीरों की याद में आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम की रचना की है। मैं कल ही तेलंगाना के निर्मल गया था जहां बरगद के पेड़ से 1000 से अधिक जनजाति के लोगों को आजादी के संग्राम के दौरान क्रूरतापूर्वक फांसी दे दी गई थी। भगवान् बिरसा मुंडा के बलिदान को कौन भूल सकता है? 1780 से लेकर 1857 तक सबसे ज्यादा जनजाति नायकों ने ही क्रांति का बीड़ा उठाया था। सिद्धो-कान्हो, बुधु भगत, बिरसा मुंडा, जवाहर सिंह बुंदेला, मधुकर शाह, हिरेंद्र शाह, हिम्मत सिंह गौड़, महिपाल सिंह गौड़, चंद्रहास गौड़, कोमाराम भीम,  राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह जैसे कई अमर नायकों के योगदान को इतिहास में अनदेखा किया गया। इसलिए हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने तय किया है कि देश भर में जनजाति संग्रहालय बनाए जायेंगे। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से 9 जनजाति संग्रहालय देश भर में बनाए जा रहे हैं। ये राजपिपला (गुजरात), रांची (झारखंड), लांबा सिंगी (आंध्र प्रदेश), रायपुर (छत्तीसगढ़), कोझिकोड (केरल), छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश), हैदराबाद (तेलंगाना), सेनापति (मणिपुर) और मुलंगो केल्सिह (मिजोरम) में स्थापित किये जा रहे हैं। इन संग्रहालयों पर 110 करोड़ करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं।  

विपक्ष पर हमला करते हुए श्री शाह ने कहा कि कांग्रेस ने केवल जनजाति का वोट हड़पने का प्रयास किया, उनके कल्याण के लिए कांग्रेस ने कभी कुछ भी नहीं किया। कई दलों ने अलग-अलग लोगों को चुनाव में खड़ा कर जनजाति के वोटों में बंटवारा किया लेकिन भारतीय जनता पार्टी को जब-जब अवसर मिले, हमने जनजाति लोगों के कल्याण के लिए कटिबद्ध भाव से कार्य किया। आदरणीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने मध्य प्रदेश में जनजाति विकास के लिए कई कार्यक्रमों की शुरुआत की। ये तभी संभव हो सकता है जब यह वैचारिक कार्यसंस्कृति में शामिल हो। हमारे प्रधानमंत्री जी ने जनजाति विकास के लिए कई कदम उठाये हैं। आज शिवराज सिंह चौहान जी ने अनुसूचित जनजाति के लोगों को अधिकार देने की शुरुआत की है, मैं इस बात के लिए उन्हें बधाई देता हूँ।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा अनुसूचित जनजाति के विकास के लिए उठाये गए क़दमों की चर्चा करते हुए केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि – 

  • 2013-14 में अनुसूचित जनजाति के लिए वार्षिक बजट 4,200 करोड़ रुपये था जो कि आज 2021-22 में बढ़ कर 7,900 करोड़ रुपये हो गया है। 
  • जनजाति विकास के लिए अलग-अलग डिपार्टमेंट का कुल खर्च 2013-14 में 21,500 करोड़ रुपये था जो 2021-22 में बढ़ कर अब 78,900 करोड़ रुपये अर्थात् चार गुना हो गया है। 
    • पहले एसटी करेज 24 मंत्रालयों तक था जिसे हमारे प्रधानमंत्री जी ने बढ़ा कर 41 मंत्रालयों तक कर दिया है। 
  • जनजाति बच्चों की शिक्षा के लिए देश भर के हर आदिवासी बहुल ब्लॉक में एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल खोले जा रहे हैं। इसके लिए अलग से बजट निर्धारित किया गया है। अब तक 167 एकलव्य स्कूल स्वीकृत किये जा चुके हैं। 
    • मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल में 18 ट्राइबल रिसर्च इंस्टीटयूट थे जो अब तक दूसरे कार्यकाल में बढ़ कर 27 कर दिया गया है। ट्राइबल रिसर्च इंस्टीटयूट पर पहले खर्च 7 करोड़ रुपये था जिसे अब बढ़ा कर 150 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
  • कांग्रेस के जमाने में देश भर में केवल 9 राज्यों के 10 वन उत्पादों को एमएसपी के तहत कवर किया गया था लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश के सभी राज्यों को कवर किया गया है और 49 वन उपज को एमएसपी पर खरीदने की शुरुआत हुई है। 
    • 25 राज्यों में लगभग 37,000 स्व-सहाय जूथ बनाए गए हैं। 
  • डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड का एक निश्चित हिस्सा जनजाति विकास के लिए डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के माध्यम से खर्च किया जाता है। पांच वर्षों में जनजाति विकास के लिए इस माध्यम से लगभग 51,000 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। 
  • इस बार लगभग 30 लाख जनजाति छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई है और छात्रवृत्ति को भी बढ़ाया गया है।

श्री शाह ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी ने मध्य प्रदेश में जनजाति विकास के लिए कई कार्य किये हैं। कई जनजाति नायकों के स्मारकों का निर्माण कराया गया है और जनजाति विकास के लिए कई कार्यक्रम एवं योजनायें चलाई जा रही हैं। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र एवं राज्य सरकारें जनजाति विकास के लिए समर्पित भाव से काम करने वाली सरकारें हैं। हमें सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी योजनाओं के माध्यम से देश के हर वर्ग का विकास किया है। हमारी सरकार ने लोगों को घर दिए और घर बिजली, पानी, गैस और शौचालय उपलब्ध कराया। हमने उनके स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च की परेशानी को देखते हुए सालाना पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जो अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। आपके जीवन स्तर को ऊपर उठाने का हमारा निरंतर प्रयास रहा है। मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि भाजपा आपके विकास, आपके कल्याण और आपके जीवन उत्थान के लक्ष्य से कभी भी पीछे नहीं हटेगी। मैं आप सबसे प्रार्थना करता हूँ कि जनजाति समाज को जो लोग अलग करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, उन्हें सफल नहीं होने दें। हम सब एक हैं और सब लोग मिल कर देश और समाज को समृद्ध बनायेंगे।