प्रधानमंत्री ने क्वाड लीडर्स शिखर बैठक में भाग लिया

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 24 मई 2022 को जापान के टोक्यो में चार देशों के प्रमुखों (क्वाड लीडर्स) की शिखर बैठक में भाग लिया, जिसमें जापान के प्रधानमंत्री श्री फुमियो किशिदा, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति श्री जोसेफ जोसेफ बाइडेन और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री श्री एंथनी अल्बनीस शामिल थे। चार देशों के प्रमुखों की यह दूसरी व्यकिगत बैठक थी, जबकि क्वाड की अब तक कुल चार बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। मार्च, 2021 में पहली वर्चुअल बैठक; सितंबर, 2021 में वाशिंगटन डीसी में शिखर बैठक और मार्च, 2022 में तीसरी वर्चुअल बैठक आयोजित की गयी थी।

राजनेताओं ने एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत क्षेत्र तथा संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र के घटनाक्रमों और यूरोप में संघर्ष पर अपने दृष्टिकोण साझा किये। प्रधानमंत्री ने शत्रुता की समाप्ति, वार्ता और कूटनीति को फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर भारत की सुसंगत व सैद्धांतिक स्थिति पर प्रकाश डाला। राजनेताओं ने वर्त्तमान में चल रहे क्वाड सहयोग और भविष्य के प्रति उनके दृष्टिकोण पर भी चर्चा की।

राजनेताओं ने आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी इच्छा दोहराई, छद्म आतंकवादियों  के उपयोग की निंदा की और आतंकवादी समूहों को किसी भी लोजिस्टिक्स, वित्तीय या सैन्य सहायता से इनकार करने के महत्व पर जोर दिया, जिसका उपयोग सीमा पार के हमलों सहित आतंकवादी हमलों को शुरू करने या योजना बनाने के लिए किया जा सकता है।

कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए क्वाड के जारी प्रयासों की समीक्षा करते हुए, राजनेताओं ने भारत में बायोलॉजिकल-ई सुविधा की बढ़ी हुई विनिर्माण क्षमता का स्वागत किया और डब्ल्यूएचओ द्वारा ईयूएल अनुमोदन पर शीघ्र फैसला लिए जाने का आह्वान किया, ताकि टीकों का वितरण शुरू किया जा सके। नेताओं ने क्वाड वैक्सीन पार्टनरशिप के तहत अप्रैल, 2022 में थाईलैंड और कंबोडिया को भारत द्वारा मेड इन इंडिया टीकों की 525,000 खुराक को उपहार स्वरुप दिए जाने का स्वागत किया। वे दूरदराज क्षेत्रों से जुड़ी वितरण चुनौतियों के समाधान करने, जीनोमिक निगरानी और नैदानिक ​​​​परीक्षणों में सहयोग के माध्यम से क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाने और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा संरचना को मजबूत करके महामारी का प्रबंधन के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाना जारी रखेंगे।

एक क्वाड जलवायु परिवर्तन कार्रवाई तथा शमन पैकेज (क्यू-चैम्प) की घोषणा; हरित शिपिंग, हरित हाइड्रोजन समेत स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु व आपदा सहनीय अवसंरचना की दिशा में प्रयासों को मजबूत करने के लिए की गई थी। प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के देशों को जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के सहयोग से कॉप26 की प्रतिबद्धताओं के साथ सहायता करने के महत्व को दोहराया।

महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित वर्त्तमान में जारी कार्यों के हिस्से के रूप में, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखलाओं के सिद्धांतों पर क्वाड का सामान्य वक्तव्य शुरू किया गया। चारों देश, क्षेत्र की महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा अवसंरचना को मजबूत करने के लिए भारत-प्रशांत क्षेत्र में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का समन्वय करेंगे। प्रधानमंत्री ने विश्वसनीय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए क्वाड के अधिक से अधिक सहयोग का आह्वान किया और भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के लिए देश में अपनायी जा रही अवसंरचना पर चर्चा की।

भारत-प्रशांत क्षेत्र में आपदाओं के खिलाफ अधिक प्रभावी और समय पर जबावी प्रतिक्रिया को सक्षम करने के लिए राजनेताओं द्वारा मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) पर एक क्वाड पार्टनरशिप की घोषणा की गई।

राजनेताओं ने जलवायु से जुड़ी घटनाओं, आपदा की तैयारी और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग की निगरानी में मदद करने के लिए क्वाड उपग्रह डेटा पोर्टल के माध्यम से क्षेत्र के देशों को पृथ्वी पर्यवेक्षण डेटा के लिए संसाधन उपलब्ध कराने पर सहमति व्यक्त की। समावेशी विकास के लिए अंतरिक्ष आधारित डेटा और प्रौद्योगिकियों का उपयोग करने में अपनी दीर्घकालिक क्षमताओं को देखते हुए भारत इस प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाएगा।

क्वाड लीडर्स ने एक नई, भारत-प्रशांत समुद्री क्षेत्र जागरूकता पहल का स्वागत किया, जिससे देशों को एचएडीआर घटनाओं का जवाब देने और अवैध मछली पकड़ने से निपटने से जुड़ी क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

राजनेताओं ने आसियान की एकता और केंद्रीयता के लिए अपने अटूट समर्थन की पुष्टि की और इस क्षेत्र में भागीदारों के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए तत्पर रहने की बात कही।

प्रधानमंत्री ने क्वाड के सकारात्मक और रचनात्मक एजेंडे को पूरा करने और क्षेत्र को स्पष्ट लाभ दिखाने के महत्व पर जोर दिया। राजनेताओं ने अपनी बातचीत और परामर्श जारी रखने और 2023 में ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित की जाने वाली शिखर बैठक की प्रतीक्षा करने पर सहमति व्यक्त की।

क्वाड नेताओं का संयुक्‍त बयान

आज, हम – ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्‍‍द्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन – एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए, जो समावेशी और लचीला है, अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए टोक्यो में एकत्र हुए हैं।

ठीक एक साल पहले, नेता पहली बार मिले थे। आज टोक्यो में, हम अपनी चौथी बैठक के लिए और व्यक्तिगत रूप से दूसरी बार गंभीर वैश्विक चुनौती के समय यह प्रदर्शित करने के लिए एकत्र हुए हैं कि क्वाड अच्छे के लिए एक ताकत है, इस क्षेत्र में वास्‍‍तविक फायदे लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सहयोग के अपने पहले वर्ष में, हमने सकारात्मक और व्यावहारिक एजेंडे के लिए क्वाड के समर्पण को स्थापित किया; अपने दूसरे वर्ष में, हम इस क्षेत्र को 21वीं सदी के लिए और अधिक लचीला बनाने के वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया अभी भी मानवीय और आर्थिक पीड़ा को झेल रही है, देशों के बीच एकतरफा कार्रवाई की प्रवृत्ति और यूक्रेन में एक दु:खद संघर्ष चल रहा है, हम अडिग हैं। हम स्वतंत्रता, कानून के शासन, लोकतांत्रिक मूल्यों, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का पुरजोर समर्थन करते हैं, धमकी या बल प्रयोग के बिना विवादों के शांतिपूर्ण समाधान, यथास्थिति को बदलने के किसी भी एकतरफा प्रयास और नौवहन तथा किसी स्थान के ऊपर से उड़ने (ओवरफ्लाइट) की स्वतंत्रता, सभी का समर्थन करते हैं जो सभी हिंद-प्रशांत क्षेत्र और दुनिया की शांति, स्थिरता तथा समृद्धि के लिए आवश्यक हैं। हम इन सिद्धांतों को क्षेत्र और उसके बाहर आगे बढ़ाने के लिए निर्णायक रूप से एक साथ कार्य करना जारी रखेंगे। हम अंतर्राष्ट्रीय नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के अपने संकल्प की फिर से पुष्टि करते हैं जहां देश सभी प्रकार के सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक दबावों से मुक्त हैं।

शांति और स्थिरता

हमने यूक्रेन में संघर्ष और चल रहे दु:खद मानवीय संकट पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाओं पर चर्चा की और हिंद-प्रशांत के लिए इसके प्रभावों का आकलन किया। क्वाड नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के हमारे दृढ़ संकल्प को दोहराया। हमने स्पष्ट रूप से देखा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था का केन्‍‍द्रबिंदु अंतर्राष्ट्रीय कानून है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर, सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान शामिल है। हमने इस बात पर भी जोर दिया कि सभी देशों को अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुसार विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।

क्वाड क्षेत्र में भागीदारों के साथ सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है जो एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के दृष्टिकोण को साझा करते हैं। हम, आसियान एकता और केन्द्रीयता के लिए तथा इंडो-पैसिफि‍क पर आसियान दृष्टिकोण के व्यावहारिक कार्यान्वयन के लिए अपने अटूट समर्थन की पुष्टि करते हैं। हम, इंडो-पैसिफि‍क में सहयोग के लिए यूरोपीय संघ की रणनीति पर यूरोपीय संघ की संयुक्त सूचना का स्वागत करते हैं, जिसकी घोषणा सितम्‍‍बर 2021 में की गई थी और इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में यूरोपीय वचनबद्धता में वृद्धि हुई थी। हम, विशेष रूप से समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) और नौवहन तथा ओवरफ्लाइट की स्वतंत्रता बनाए रखने के रूप में, पूर्वी और दक्षिणी समुद्र सहित नियम-आधारित समुद्री चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन करेंगे। हम किसी भी प्रकार की बलपूर्वक, उत्तेजक या एकतरफा कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हैं जो यथास्थिति को बदलने और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की कोशिश करती है, जैसे कि विवादित सुविधाओं का सैन्यीकरण, तटरक्षक जहाजों और समुद्री मिलिशिया का खतरनाक उपयोग तथा अन्य देशों के समुद्र तट से दूर संसाधनों के दोहन को बाधित करने के प्रयास करे।

व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से, हम उनके आर्थिक कल्याण में वृद्धि, स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे और पर्यावरणीय लचीलेपन को मजबूत करने, उनकी समुद्री सुरक्षा में सुधार करने, उनके मत्स्य पालन को बनाए रखने, स्थायी बुनियादी ढांचा प्रदान करने, शैक्षिक अवसरों को बढ़ाने तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने और अनुकूल बनाने के लिए प्रशांत द्वीप देशों के साथ अपने सहयोग को और मजबूत करेंगे, जो इस क्षेत्र के लिए विशेष रूप से गंभीर चुनौतियां हैं। हम प्रशांत द्वीप के भागीदारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमने प्रशांत द्वीप समूह फोरम की एकता और प्रशांत क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे के लिए अपने समर्थन की फिर से पुष्टि की।

अपने बीच और अपने भागीदारों के साथ, हम संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय संस्थानों में अपने सहयोग को गहरा करेंगे, जहां बहुपक्षीय प्रणाली के लचीलेपन को सुधारने और बढ़ाने के लिए हमारी साझा प्राथमिकताओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। व्यक्तिगत रूप से और एक साथ, हम अपने समय की चुनौतियों का जवाब देंगे, यह सुनिश्चित करते हुए कि यह क्षेत्र समावेशी, खुला और सार्वभौमिक नियमों और मानदंडों द्वारा नियंत्रित है।

हम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों (यूएनएससीआर) के अनुरूप कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं और अपहृत जापानियों के मुद्दे के तत्काल समाधान की आवश्यकता की भी पुष्टि करते हैं। हम यूएनएससीआर के उल्लंघन में उत्तर कोरिया के अस्थिर करने वाले बैलिस्टिक मिसाइल विकास और लॉन्च की भी निंदा करते हैं, जिसमें कई अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण शामिल हैं, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इन प्रस्तावों को पूरी तरह से लागू करने का आह्वान करते हैं। हम उत्तर कोरिया से यूएनएससीआर के तहत अपने सभी दायित्वों का पालन करने, उकसावे से दूर रहने और महत्वपूर्ण बातचीत में शामिल होने का आग्रह करते हैं।

हम म्यांमार संकट से बहुत चिंतित हैं, जिससे गंभीर मानवीय पीड़ा हुई है और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौतियां खड़ी हुई हैं। हम म्यांमार में हिंसा को तत्काल समाप्त करने, विदेशियों सहित सभी राजनीतिक बंदियों की रिहाई, रचनात्मक बातचीत में भागीदारी, मानवीय पहुंच और लोकतंत्र की तेजी से बहाली का आह्वान करना जारी रखते हैं। हम म्यांमार में समाधान खोजने के लिए आसियान के नेतृत्व वाले प्रयासों के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं और आसियान अध्यक्ष के विशेष दूत की भूमिका का स्वागत करते हैं। हम आगे आसियान पांच सूत्रीय सहमति के तत्काल कार्यान्वयन का आह्वान करते हैं।

हम सभी रूपों और घोषणाओं में स्पष्ट रूप से आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की निंदा करते हैं और दोहराते हैं कि किसी भी आधार पर आतंकवादी कृत्यों का कोई औचित्य नहीं हो सकता है। हम परोक्ष आतंकवाद के उपयोग की निंदा करते हैं और आतंकवादी समूहों को किसी भी सैन्य, वित्तीय या सैन्य सहायता से इनकार करने के महत्व पर जोर देते हैं जिसका उपयोग सीमा पार हमलों सहित आतंकवादी हमलों को शुरू करने या योजना बनाने के लिए किया जा सकता है। हम 26/11 मुंबई और पठानकोट हमलों सहित आतंकवादी हमलों की अपनी निंदा दोहराते हैं। हम यूएनएससी के प्रस्ताव 2593 (2021) की भी पुष्टि करते हैं, जिसमें मांग की गई है कि किसी भी देश को धमकाने या हमला करने या आतंकवादियों को पनाह देने या प्रशिक्षित करने या आतंकवादी हमलों की योजना बनाने या वित्तपोषित करने के लिए अफगान क्षेत्र का फिर कभी इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। हम एफएटीएफ की सिफारिशों के अनुरूप, सभी देशों द्वारा धन शोधन विरोधी और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने पर अंतर्राष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने के महत्व पर जोर देते हैं। हम फिर से पुष्टि करते हैं कि वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में, हम सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेंगे, जिसमें वे व्यक्ति और संस्थाएं शामिल हैं जिन्हें यूएनएससी प्रस्ताव 1267(1999) के अनुसार नामित किया गया है।

कोविड-19 और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा

दो वर्षों से अधिक समय से, दुनिया हमारे समुदायों, नागरिकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और प्रणालियों तथा अर्थव्यवस्थाओं पर कोविड-19 के विनाशकारी प्रभावों से जूझ रही है। क्वाड देशों ने बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा के निर्माण और स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने की दृष्टि से कोविड-19 प्रतिक्रिया के लिए वैश्विक प्रयासों का नेतृत्व किया है और आगे भी करते रहेंगे। हम सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों के लिए टीके, परीक्षण, उपचार और अन्य चिकित्सा उत्पाद प्राप्त करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए वायरस से आगे निकलने के लिए अपने सामूहिक दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आज तक, क्वाड साझेदारों ने सामूहिक रूप से कोवैक्स एएमसी को लगभग 5.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया है, जो सरकारी दानदाताओं के कुल योगदान का लगभग 40 प्रतिशत है। हमें इंडो-पैसिफि‍क को कम से कम 265 मिलियन खुराक सहित 670 मिलियन से अधिक खुराक देने पर गर्व है। कोविड-19 टीकों की वैश्विक आपूर्ति में महत्वपूर्ण विस्तार को ध्यान में रखते हुए, हम सुरक्षित, प्रभावी, किफायती और गुणवत्तापूर्ण-सुनिश्चित कोविड-19 टीकों को साझा करना जारी रखेंगे जहां और जब उनकी आवश्यकता होगी।

हम क्वाड वैक्सीन साझेदारी के तहत भारत में जैविक ई-सुविधा में जेएंडजे वैक्सीन उत्पादन के विस्तार पर प्रगति का स्वागत करते हैं- टिकाऊ विनिर्माण क्षमता से कोविड-19 और भविष्य की महामारियों के खिलाफ लड़ाई में दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। इस संबंध में, हम भारत में उपरोक्त टीकों के संबंध में डब्ल्यूएचओ के ईयूएल अनुमोदन के अनुदान के लिए तत्पर हैं। हम क्वाड सदस्यों के अन्य वैक्सीन से संबंधित सहयोग के साथ, क्वाड द्वारा कंबोडिया और थाईलैंड को डब्ल्यूएचओ द्वारा अनुमोदित मेड इन इंडिया टीकों के दान की सराहना करते हैं जो हमारे सहयोग की स्‍पष्‍ट उपलब्धि का एक उदाहरण है।

हम भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी खतरों से निपटना और कोविड-19 प्रतिक्रिया तथा तैयारियों को जारी रखेंगे। हम आखिरी छोर के समर्थन से प्रोत्‍‍साहन में तेजी लाएंगे, जिसमें हमारे चार देशों द्वारा विश्व स्तर पर 115 से अधिक देशों में 2 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक प्रदान किए गए हैं और इस सप्ताह विश्व स्वास्थ्य सभा में क्वाड-आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से वैक्सीन अनिश्चितता को दूर करेंगे। हम ‘‘कोविड-19 प्रायोरिटीज्ड ग्लोबल एक्शन प्लान फॉर एन्हांस्ड एंगेजमेंट (जीएपी)’’ और कोवैक्स वैक्सीन डिलीवरी पार्टनरशिप सहित अपने प्रयासों का समन्वय करेंगे। हम अमेरिका की सह-मेजबानी से सफल दूसरे ग्लोबल कोविड-19 शिखर सम्मेलन का स्वागत करते हैं, जिसमें क्वाड सदस्य शामिल हुए, जिसने वित्तीय और नीतिगत प्रतिबद्धताओं में 3.2 बिलियन डॉलर का योगदान दिया। हम इंडो-पैसिफि‍क क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक पुनरोद्धार के लिए समर्थन को मजबूत करेंगे।

लंबी अवधि में, हम बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा के निर्माण के लिए वैश्विक स्वास्थ्य संरचना और महामारी की रोकथाम, तैयारी तथा प्रतिक्रिया (पीपीआर) को मजबूत करेंगे, जिसमें वित्त और स्वास्थ्य समन्वय जैसे कि नैदानिक परीक्षणों के माध्यम से और जीनोमिक निगरानी को बढ़ाकर तथा वर्तमान विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहयोग को मजबूत करना शामिल है। मौजूदा क्वाड सहयोग के आधार पर, हम महामारी की क्षमता वाले नए और उभरते रोगाणुओं की जल्द पहचान करने तथा निगरानी में सुधार करने की अपनी क्षमता को बढ़ाएंगे तथा महामारी और महामारी के प्रति लचीलापन बढ़ाने के लिए काम करेंगे। संक्रामक रोगों की रोकथाम और रोकथाम रोधी नए टीकों के विकास के लिए, क्वाड पार्टनर्स ने सीईपीआई के काम के अगले चरण के लिए सामूहिक रूप से 524 मिलियन डॉलर देने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की है, जो कुल सार्वजनिक निवेशकों का लगभग 50 प्रतिशत है।

हम यूएचसी के दोस्तों के समूह के सदस्यों के रूप में, 2023 में होने वाली यूएचसी पर संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय बैठक की अगुवाई में पीपीआर को बढ़ाने और यूएचसी को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक स्वास्थ्य वास्तुकला को और मजबूत करने और सुधारने के लिए वैश्विक नेतृत्व लेने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

आधारभूत संरचना

हमने बुनियादी ढांचे पर सहयोग को गहरा करने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उत्पादकता और समृद्धि को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। हम ऋण के मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक प्रतिबद्धता भी साझा करते हैं, जो कई देशों में महामारी से बढ़ गए हैं।

क्वाड साझेदार इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचा प्रदान करने में तेजी लाने के लिए दशकों के कौशल और अनुभव को एक साथ लाए हैं। हम कमियों को पाटने के लिए सार्वजनिक और निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए भागीदारों तथा क्षेत्र के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसे प्राप्त करने के लिए, क्वाड अगले पांच वर्षों में इंडो-पैसिफि‍क क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में 50 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक की सहायता और निवेश का विस्तार करने की कोशिश करेगा।

हम जी20 कॉमन फ्रेमवर्क के तहत ऋण के मुद्दों से निपटने के लिए और ‘‘क्वाड डेट मैनेजमेंट रिसोर्स पोर्टल’’ सहित संबंधित देशों के वित्त अधिकारियों के साथ निकट सहयोग में ऋण स्थिरता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए देशों की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए काम करेंगे जिसमें अनेक बहुपक्षीय और बहुपक्षीय क्षमता निर्माण सहायता शामिल है।

हम क्वाड नेताओं की बैठक के अतिरिक्‍‍त चार देशों के विकास वित्त संस्थानों और एजेंसियों की बैठक का भी स्वागत करते हैं। हम हिंद-प्रशांत को बेहतर ढंग से जोड़ने के लिए अपने टूलकिट और विशेषज्ञता को जोड़ने के लिए विशेषज्ञों, अपने क्षेत्र और एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

हम क्षेत्रीय और डिजिटल कनेक्टिविटी, स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा से संबंधित सुविधाओं में आपदा लचीलापन सहित जलवायु लचीलापन जैसे पहचाने गए क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करेंगे तथा पूरक कार्यों को आगे बढ़ाएंगे, जो क्षेत्र में निरन्तर और समावेशी विकास में योगदान करने के लिए इंडो-पैसिफि‍क पर आसियान दृष्टिकोण सहित क्षेत्र की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं।

जलवायु

नवीनतम आईपीसीसी रिपोर्टों में जोर दिए गए जलवायु परिवर्तन को संबोधित करने की तत्काल आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, हम दृढ़ता से पेरिस समझौते को लागू करेंगे और सीओपी26 के परिणामों को पूरा करेंगे, वैश्विक महत्वाकांक्षा को बढ़ाने के हमारे प्रयासों में तेजी लाएंगे, जिसमें इंडो-पैसिफि‍क क्षेत्र में प्रमुख हितधारकों तक पहुंचना शामिल है और क्षेत्र में भागीदारों द्वारा जलवायु कार्यों का समर्थन, सुदृढ़ीकरण तथा वृद्धि करना, जिसमें सार्वजनिक और निजी दोनों, जलवायु पूंजी जुटाना तथा नवीन प्रौद्योगिकी के अनुसंधान, विकास और तैनाती को सुविधाजनक बनाना शामिल है।

आज, हम दो विषयों के रूप में ‘‘शमन’’ और ‘‘संयोजन’’ के साथ ‘‘क्वाड क्लाइमेट चेंज एडेप्टेशन एंड मिटिगेशन पैकेज (क्यू-चैम्प)’’ लॉन्च करते हैं। क्यू-चैम्प में क्वाड क्लाइमेट वर्किंग ग्रुप के तहत चल रही गतिविधियां शामिल हैं: हरित नौवहन और बंदरगाह जिनका उद्देश्य प्रत्येक क्वाड देश के इनपुट पर एक साझा ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण का लक्ष्य; प्राकृतिक गैस क्षेत्र से स्वच्छ हाइड्रोजन और मीथेन उत्सर्जन में स्वच्छ ऊर्जा सहयोग; सिडनी एनर्जी फोरम के योगदान का स्वागत करते हुए स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना; प्रशांत द्वीप देशों के साथ एक कार्य रणनीति विकसित करने के लिए जलवायु सूचना सेवाएं; और आपदा एवं जलवायु लचीले बुनियादी ढांचे जैसे आपदा रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) के गठबंधन के माध्यम से प्रयास सहित आपदा जोखिम में कमी शामिल है। इसमें स्वच्छ ईंधन अमोनिया, सीसीयूएस/कार्बन पुनर्चक्रण, सहयोग और पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 के तहत उच्च सम्पूर्णता वाले कार्बन बाजारों को आगे बढ़ाने के लिए क्षमता निर्माण समर्थन, जलवायु – स्मार्ट कृषि, सबनेशनल जलवायु कार्यों और इकोसिस्‍‍टम आधारित संयोजन शामिल हैं। क्‍‍यू-चैम्‍‍प को स्‍पष्‍ट बनाने के लिए, हम अपने चार देशों के साथ-साथ इंडो-पैसिफि‍क क्षेत्र में जलवायु कार्यों के समर्थन में अपने कार्यक्रमों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम प्रशांत के द्वीप राष्ट्रों के लिए जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न भारी चुनौतियों को स्वीकार करते हैं।

हम जलवायु परिवर्तन पर मजबूत कार्रवाई के लिए नई ऑस्ट्रेलियाई सरकार की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं, जिसमें 2050 तक नेट जीरो प्राप्त करने के लिए कानून बनाना और राष्ट्रीय स्तर पर एक नया, महत्वाकांक्षी निर्धारित योगदान दर्ज करना शामिल है।

साइबर सुरक्षा

जटिल साइबर खतरों के साथ तेजी से बढ़ती डिजिटल दुनिया में हम साइबर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए सामूहिक दृष्टिकोण अपनाने की तत्काल आवश्यकता को पहचानते हैं। एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफि‍क के लिए क्वाड नेताओं की परिकल्पना को पूरा करने के लिए, हम डिजिटल रूप से सक्षम उत्पादों और सेवाओं के लिए आपूर्ति श्रृंखला में संभावित जोखिमों की पहचान और संभावित खतरों का मूल्यांकन करके अपने राष्ट्रों के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा में सुधार करने और सरकारी खरीद के लिए आधारभूत सॉफ्टवेयर सुरक्षा मानकों को जोड़कर, व्यापक सॉफ्टवेयर विकास इकोसिस्टम को बेहतर बनाने के लिए हमारी सामूहिक क्रय शक्ति का लाभ उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि सभी उपयोगकर्ता लाभान्वित हो सकें। क्वाड साझेदार क्वाड साइबर सुरक्षा साझेदारी के अंतर्गत इंडो-पैसिफि‍क क्षेत्र में क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का समन्वय करेंगे और हमारे देशों में व्यक्तिगत इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की मदद करने के लिए इंडो-पैसिफि‍क क्षेत्र और उससे आगे की बेहतर सुरक्षा के लिए पहले क्वाड साइबर सुरक्षा दिवस की शुरुआत करेंगे ताकि खुद को साइबर खतरों से बचा सकें।

महत्वपूर्ण और उभरती हुई प्रौद्योगिकियां

क्वाड क्षेत्र की समृद्धि और सुरक्षा को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के दोहन पर केंद्रित है। 5जी के क्षेत्र में और 5जी से परे, दूरसंचार आपूर्तिकर्ता विविधता पर प्राग प्रस्तावों का स्वागत करते हुए, हम 5जी आपूर्तिकर्ता विविधीकरण और ओपन आरएएन पर सहयोग के एक नए ज्ञापन पर हस्ताक्षर के माध्यम से पारस्परिकता और सुरक्षा को आगे बढ़ाएंगे। हम उद्योग के साथ अपने जुड़ाव को भी गहरा कर रहे हैं, जिसमें ओपन आरएएन ट्रैक 1.5 इवेंट शामिल हैं और इस क्षेत्र में खुली तथा सुरक्षित दूरसंचार प्रौद्योगिकियों की तैनाती पर सहयोग करने के तरीके तलाश रहे हैं।

हमने वैश्विक सेमीकंडक्‍‍टर आपूर्ति श्रृंखलाओं में क्वाड की क्षमता और कमजोरियों का मानचित्रण किया है और सेमीकंडक्‍टरों के लिए एक विविध और प्रतिस्पर्धी बाजार का एहसास करने के लिए अपनी पूरक शक्तियों का बेहतर लाभ उठाने का निर्णय लिया है। इस शिखर सम्मेलन के अवसर पर शुरू किया गया महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखला पर सिद्धांतों का सामान्य विवरण, सेमीकंडक्‍‍टर और अन्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर हमारे सहयोग को आगे बढ़ाता है, इस क्षेत्र में विभिन्न जोखिमों के खिलाफ हमारे लचीलेपन को बढ़ाने के लिए एक सहकारी आधार प्रदान करता है। अंतर्राष्ट्रीय मानकीकरण संगठनों में हमारे सहयोग, जैसे कि अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ के दूरसंचार मानकीकरण ब्यूरो ने बहुत प्रगति की है और हम नए अंतर्राष्ट्रीय मानक सहयोग नेटवर्क (आईएससीएन) के माध्यम से इस तरह के सहयोग को मजबूत करने की उम्मीद करते हैं। इस सहयोग से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि इस क्षेत्र में प्रौद्योगिकी विकास हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों द्वारा निर्देशित है। हम मानचित्रण और संबंधित ट्रैक 1.5 तथा क्वांटम प्रौद्योगिकियों पर भविष्य के फोकस पर अपने प्रयासों के माध्यम से जैव प्रौद्योगिकी में गहन चर्चा के बाद हम अपने क्षितिज स्कैनिंग सहयोग को मजबूत करना जारी रखते हैं। हम महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए पूंजी का विस्तार करने के लिए उद्योग भागीदारों के साथ नेटवर्किंग के लिए एक व्यापार और निवेश फोरम बनाएंगे।

क्वाड फेलोशिप

हम मानते हैं कि लोगों के बीच संबंध क्वाड का आधार हैं और क्वाड फेलोशिप के आधिकारिक लॉन्च का स्वागत करते हैं, जो अब आवेदन के लिए खुला है। क्वाड फेलोशिप एसटीईएम क्षेत्रों में स्नातक डिग्री हासिल करने के लिए हमारे देशों के 100 छात्रों को हर साल अमेरिका लाएगा और श्मिट फ्यूचर्स द्वारा व्यवस्थित है। क्वाड फेलो की पहली कक्षा 2023 की तीसरी तिमाही में शुरू होगी और हम अगली पीढ़ी के एसटीईएम दिमागों के एक प्रतिभाशाली समूह का निर्माण करने के लिए तत्पर हैं जो हमारे देशों का अत्याधुनिक अनुसंधान और नवाचार में नेतृत्व करेंगे।

अंतरिक्ष

अंतरिक्ष से संबंधित अनुप्रयोग और प्रौद्योगिकियां जलवायु परिवर्तन, आपदा तैयारी और प्रतिक्रिया तथा महासागरों और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग जैसी आम चुनौतियों का समाधान करने में भी योगदान दे सकती हैं। प्रत्येक क्वाड पार्टनर पृथ्वी अवलोकन उपग्रह डेटा और अनुप्रयोगों के लिए सार्वजनिक पहुंच में सुधार करने का प्रयास करेगा। हम एक पृथ्वी अवलोकन-आधारित निगरानी और स्थिर विकास ढांचा बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे। हम एक ‘‘क्वाड सैटेलाइट डेटा पोर्टल’’ प्रदान करने के साथ-साथ अंतरिक्ष-आधारित नागरिक पृथ्वी अवलोकन डेटा साझा करने का प्रयास करेंगे, जो हमारे संबंधित राष्ट्रीय उपग्रह डेटा संसाधनों के लिंक को एकत्रित करता है। हम पृथ्वी अवलोकन के क्षेत्र सहित अंतरिक्ष एप्‍‍लीकेशनों को विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे और क्षेत्र के देशों को क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करेंगे, जिसमें अप्रत्याशित घटनाओं का जवाब देने के लिए अंतरिक्ष क्षमताओं का उपयोग करने पर भागीदारी शामिल है। हम अंतरिक्ष के निरन्तर उपयोग के लिए नियमों, मानदंडों, दिशानिर्देशों और सिद्धांतों पर भी परामर्श करेंगे और बाहरी अंतरिक्ष गतिविधियों की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग (सीओपीयूओएस) दिशानिर्देशों पर संयुक्त राष्ट्र समिति के संबंध में संयुक्त कार्यशालाओं के माध्यम से क्षेत्र के देशों के लिए सहायता का विस्तार करेंगे।

समुद्री क्षेत्र में जागरूकता और एचएडीआर

हम समुद्री क्षेत्र में एक नई जागरूकता पहल, इंडो-पैसिफिक पार्टनरशिप फॉर मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (आईपीएमडीए) का स्वागत करते हैं, जिसे मानवीय और प्राकृतिक आपदाओं का जवाब देने और गैर-कानूनी तरीके से मछली पकड़ने का मुकाबला करने के लिए क्षेत्रीय भागीदारों के साथ काम करने के लिए तैयार किया गया है। आईपीएमडीए हमारे समुद्रों में स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए उन्नत, साझा समुद्री क्षेत्र जागरूकता में सहायता करने के लिए प्रौद्योगिकी और प्रशिक्षण प्रदान करके हिंद-प्रशांत देशों और हिंद महासागर, दक्षिण पूर्व एशिया तथा प्रशांत द्वीपों में क्षेत्रीय सूचना फ्यूजन केंद्रों के परामर्श से सहायता और काम करेगा। आईपीएमडीए में क्वाड का अर्थ है: ठोस परिणामों की दिशा में हमारे संयुक्त प्रयासों को उत्प्रेरित करना जो इस क्षेत्र को अधिक स्थिर और समृद्ध बनाने में मदद करता है।

3 मार्च 2022 को हमारी वर्चुअल मीटिंग के बाद अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, हम आज “इंडो-पैसिफि‍क में मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) पर क्वाड साझेदारी (एचएडीआर) की स्थापना की घोषणा करते हैं। यह साझेदारी क्षेत्र में आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए हमारे सहयोग को और मजबूत करेगी।

समापन

आज, एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफि‍क के लिए एक साझा दृष्टिकोण के साथ, हम एक बार फिर मौलिक मूल्यों और सिद्धांतों के महत्व पर जोर देते हैं और इस क्षेत्र में ठोस परिणाम देने के लिए अथक प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसा करते हुए, हम क्वाड गतिविधियों को नियमित करेंगे, जिसमें नेताओं और विदेश मंत्रियों की नियमित बैठकें शामिल हैं। हम ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित 2023 में अपना अगला व्यक्तिगत शिखर सम्मेलन आयोजित करने के लिए सहमत हैं।