दिल्ली के नांगल गाँव में जिस प्रकार एक नन्ही सी बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ, ये बहुत दु:खद है, हम इसकी घोर निंदा करते हैं।

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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ संबित पात्रा ने आज भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और दिल्ली में नौ साल की बच्ची के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और फिर हत्या के मामले में की जा रही राजनीति पर विपक्ष पर करारा हमला करते हुए कांग्रेस व राहुल गांधी से कहा है कि रेप पर राजनीति करना अच्छा नहीं है। कांग्रेस को दिल्ली में दलित की बच्ची से दुष्कर्म दिखाई देता है लेकिन कांग्रेस-शासित राज्यों में हो रहे दुष्कर्म पर वह चुप क्यों हो जाते हैं।

डॉ पात्रा ने कहा कि दिल्ली के नांगल गाँव में जिस प्रकार एक नन्ही सी बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ, ये बहुत दुखद है, हम इसकी घोर निंदा करते हैं। कानून व्यवस्था पूरी तरह से सजग होकर इसपर काम कर रही है,चार से अधिक लोग गिरफ्तार हुए हैं। अनुसूचित जाति आयोग और जॉइंट पुलिस कमिश्नर भी पीडिता के घर गए थे। लेकिन विपक्षी पार्टियों द्वारा महिला दुष्कर्म के मामलों में अगर राजनीति की जाए, तो ये राजनीति का सबसे निम्न स्तर होता है। 

किसी राज्य के दुष्कर्म की घटना पर चिंता प्रकट करना और किसी राज्य की घटना पर चुप्पी ठान लेना, यह देखते हुए कि किस राज्य में किसकी सरकार है, यह भी अपने आप में एक जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा कि दुष्कर्म दुष्कर्म होता है। चाहे वो दिल्ली में हो, राजस्थान में हो, छत्तीसगढ़ में हो, या फिर महाराष्ट्र में हो।

डॉ पात्रा ने कहा कि पीड़िता के परिवार को जरूर न्याय मिलेगा। लेकिन क्या कांग्रेस बता सकती है कि वह राजस्थान अथवा अन्य कांग्रेस शासित राज्यों में होने वाली ऐसी ही घटनाओं पर चुप क्यों रहती है। क्या राहुल गांधी राजस्थान के पीड़ितों से मिलने गए, क्या प्रियंका गांधी ने उनकी सुध ली? 

 संबित पात्रा ने कहा कि कल राहुल गांधी जी ने ट्वीट किया कि दलित की बेटी हिंदुस्तान की बेटी है। इसमें कोई दो मत नहीं है। उसे न्याय मिलना ही चाहिए। लेकिन क्या राजस्थान की दलित बेटी, छत्तीसगढ़ की दलित बेटी और पंजाब में होशियारपुर के टांडा गाँव की दलित बेटी, जिसके साथ जघन्य अपराध हुआ, क्या ये हिंदुस्तान की बेटियां नहीं हैं? क्या हम हिंदुस्तान को भी सरकार और राजनीति के हिसाब बांटकर दलितों की राजनीति आगे बढ़ाएंगे?

डॉ पात्रा ने कांग्रेस शासित राजस्थान, पंजाब और छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही दुष्कर्म की घटनाओं का जिक्र किया और राहुल गाँधी पर हमला करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ने नेशनल क्राईम ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर विधानसभा में स्वीकार किया कि अभी छत्तीसगढ़ का बलात्कार में 10 वां और अपहरण में 7 वां स्थान है.   

उन्होंने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि एनसीआरबी के अनुसार राजस्थान बलात्कार के मामलों में पूरे देश में शीर्ष पर है। पिछले 6 महीनों में राजस्थान में बलात्कार के मामलों में 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीँ पिछले एक महीने में 550 मामले बलात्कार के सामने आए. साल 2020 में राजस्थान में 13,750 बलात्कार की घटनाएं घटित हुईं.। सिर्फ कोरोना काल में प्रदेश में, महिला अपराध का आंकड़ा 38% तक बढ़ा है. 26 जनवरी को नागौर में दलित महिला के साथ रेप का मामला सामने आया, क्या राहुल गांधी ने ट्वीट किया या उस महिला के घर गए, नहीं। अजमेर के रामगंज थाना अंतर्गत एक दलित महिला अपने ससुराल जा रही थी और रास्ते में रोककर उनके साथ दुष्कर्म किया, राहुल गांधी ने आवाज नहीं उठाई। 25 जुलाई को मामला सामने आया कि राजस्थान में बाड़मेर में दलित बाप बेटे के हाथ पैर तोड़े गालियां दी और पेशाब पिलाया गया, राहुल गांधी एक दिन भी उनके घर नहीं गए।

डॉ पात्रा ने कहा कि गहलोत सरकार ने विधानसभा सत्र में महिला अपराध पर हो रही चर्चा पर ये जवाब दिया था कि दलित महिलाएं बलात्कार के झूठे केस दर्ज कराती हैं। विधानसभा के पटल पर उन सारे एनजीओ पर उंगली उठाई गई थी, जो दलित अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ते हैं।

डॉ पात्रा ने राहुल गांधी द्वारा पीड़ित बच्ची के माता-पिता की पहचान सार्वजनिक कर कानूनी प्रावधानों का घोर उल्लंघन किये जाने पर कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी की ओर से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) से निवेदन करूंगा कि राहुल गांधी द्वारा जिस प्रकार से Section 23 of POCSO act और section 74 of the Juvenile justice (care & protection of children) act का उल्लंघन किया गया है, NCPCR उसका संज्ञान लें और राहुल गांधी को नोटिस जारी करे तथा राहुल गाँधी अपना वो ट्वीट यथाशीघ्र डिलीट भी करे।