केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में भारी कटौती की

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भारत सरकार ने चार नवंबर से पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में क्रमश: 5 रुपये और 10 रुपये की कमी करने का महत्वपूर्ण फैसला किया। इससे पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें उसी हिसाब से कम हो गईं।

डीजल पर उत्पाद शुल्क में कमी पेट्रोल की तुलना में दोगुनी है। दरअसल, भारतीय किसानों ने अपनी कड़ी मेहनत से लॉकडाउन के दौरान भी आर्थिक विकास की गति को बनाए रखा और अब डीजल पर उत्पाद शुल्क में भारी कमी आने वाले रबी सीजन के दौरान किसानों को राहत देगी।

साथ ही, भारत सरकार ने अर्थव्यवस्था को और रफ्तार देने के लिए डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क काफी कम करने का फैसला किया। इससे खपत बढ़ेगी और मुद्रास्फीति कम रहेगी, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को मदद मिलेगी। इस फैसले से समग्र आर्थिक चक्र को और गति मिलने की उम्मीद है।

वास्तव में हाल के महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में वैश्विक उछाल देखा गया। इसके परिणामस्वरूप हाल के हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की घरेलू कीमतों में मुद्रास्फीति के दबाव में वृद्धि हुई थी। दुनिया में भी सभी प्रकार की ऊर्जा में कमी और कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि देश में ऊर्जा की कमी न हो और पेट्रोल व डीजल जैसी चीजें हमारी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त रूप से उपलब्ध हों।

भारतीयों की उद्यमी क्षमता के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था ने कोविड-19 के चलते आई मंदी के माहौल से निकलकर एक महत्वपूर्ण रफ्तार पकड़ी है। अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में- वह चाहे विनिर्माण, सेवा या कृषि हों- महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा पांच नवंबर को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती करने के केंद्र सरकार के निर्णय के बाद 22 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिये पेट्रोल तथा डीजल पर वैट में अतिरिक्त कटौती कर दी।

लेकिन ऐसे 14 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश हैं, जिन्होंने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट में कोई कटौती नहीं की है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, केरल, मेघालय, अंडमान एवं निकोबार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब और राजस्थान शामिल हैं।

पेट्रोल की कीमत में सबसे ज्यादा कटौती केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में की गई है। उसके बाद कर्नाटक और पुदुच्चेरी हैं। इन केंद्रशासित प्रदेशों/राज्य में पेट्रोल की कीमतों में क्रमशः 13.43 रुपये, 13.35 रुपये और 12.85 रुपये की कमी आ गई। डीजल की कीमत में सबसे अधिक कटौती केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में आई, जहां डीजल की कीमत 19.61 रुपये प्रति लीटर कम हो गई। लद्दाख के बाद कर्नाटक और पुदुच्चेरी हैं।