अक्टूबर में जीएसटी संग्रह बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपये हुआ

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स्तु और सेवा कर (जीएसटी) संग्रह अक्टूबर में बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगातार चौथे महीने एक लाख करोड़ रुपये से ऊपर है। उल्लेखनीय है कि जीएसटी के एक जुलाई, 2017 को लागू होने के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा संग्रह और अक्टूबर, 2020 की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार अक्टूबर, 2021 में सकल जीएसटी राजस्व 1,30,127 करोड़ रुपये रहा, जिसमें सीजीएसटी 23,861 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 30,421 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 67,361 करोड़ रुपये (माल के आयात पर जमा 32,998 करोड़ रुपये सहित) और उपकर 8,484 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्रित 699 करोड़ रुपये सहित) है।
गौरतलब है कि सीजीएसटी का अर्थ केंद्रीय वस्तु और सेवा कर, एसजीएसटी (राज्य वस्तु और सेवा कर) और आईजीएसटी (एकीकृत वस्तु और सेवा कर) है।

साथ ही, बयान में कहा गया कि जीएसटी संग्रह के आंकड़े आर्थिक सुधार के रुझानों से मेल खाते हैं और यह दूसरी लहर के बाद से हर महीने जनरेट होने वाले ई-वे बिलों के रुझानों से भी स्पष्ट है। मंत्रालय ने कहा कि यदि अर्धचालकों की आपूर्ति में बाधा से ऑटो तथा अन्य उत्पादों की बिक्री प्रभावित नहीं होती, तो राजस्व संग्रह और भी अधिक होता।