नकारात्मकता एवं स्वार्थ की राजनीति पराजित होगी, राष्ट्र विजयी होगा


तृणमूल कांग्रेस द्वारा पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। भाजपा कार्यकर्ताओं पर चुन-चुनकर हमला, भाजपा कार्यालयों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों में आगजनी, हत्या एवं बलात्कार की घटनाएं दशकों से चली आ रही हिंसक राजनीति की ही परिणति हैं, जो अब तृणमूल कांग्रेस का चरित्र बन चुका है। किसी भी सभ्य समाज में इसे सहन नहीं किया जा सकता, यही कारण है कि इसकी सर्वत्र भर्त्सना हो रही है। यह स्पष्ट है कि तृणमूल कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्कृति में विश्वास नहीं रखती और अपने गुंडों के बल पर हिंसा और जोर-जबरदस्ती से शासन करना चाहती है। अब जबकि पश्चिम बंगाल की जनता हिंसा के इस भयानक नाच को देख रही है और सारा देश इस पर चिंतित है, भाजपा एक जिम्मेदार एवं समर्पित विपक्ष के रूप में कार्य करते हुए ‘सोनार बांग्ला’ के सपनों को अवश्य साकार करेगी।
पांच प्रदेशों के विधानसभाओं के चुनाव परिणाम से भाजपा का जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का संकल्प और भी अधिक सुदृढ़ हुआ है। असम की जनता ने अपने निर्णायक जनादेश से भाजपा को पुनः अपना आशीर्वाद दिया है, वहीं पश्चिम बंगाल में भाजपा ने पहली बार एक मजबूत विपक्ष के रूप में अपना स्थान बनाया है। जहां कांग्रेस एवं कम्युनिस्ट पार्टियां प्रदेश में अपना खाता भी नहीं खोल पाईं, वहीं भाजपा की सीटों का कई गुना बढ़ जाना इस बात की ओर इंगित करता है कि पश्चिम बंगाल भी निकट भविष्य में सुशासन एवं विकास के रास्ते में आगे बढ़ेगा। पुडुचेरी में एनडीए सरकार का बनना भाजपा के नीति एवं सिद्धांतों में जनता के बढ़ते विश्वास का परिचायक है। तमिलनाडु में जहां द्रमुक गठबंधन की सरकार बनी, वहीं केरल में वाममोर्चे की सरकार बनी है।
कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर कई प्रदेशों में गंभीर चुनौतियां प्रस्तुत कर रही हैं। इस दूसरी लहर का असर इतना व्यापक हुआ है कि न केवल चिकित्सा व्यवस्था बल्कि चिकित्सक, नर्स, स्वास्थ्यकर्मी एवं अन्य सहायक सुविधाएं भी कई जगह कम पड़ने लगीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कई कदम उठाए हैं, जिसका सकारात्मक प्रभाव दिखने लगा है। वैश्विक महामारी से लड़ने के लिए सभी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए कई निर्णय लिये हैं, जिससे उनकी कमी न हो। प्रभावित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, संबंधित अधिकारियों, विशेषज्ञों, देश के प्रमुख चिकित्सकों, उद्यमियों एवं फार्मा क्षेत्र के प्रमुखों एवं वैक्सीन निर्माताओं से निरंतर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ऑक्सीजन की आपूर्ति, चिकित्सकीय उपकरणों एवं दवाइयों की उपलब्धता तथा संक्रमितों के लिए अधिक से अधिक बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए विश्व के सबसे बड़े टीका अभियान की भी गति को तेज किया है। साथ ही, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 80 करोड़ लोगों को इस महामारी में अन्न उपलब्ध कराकर समाज के गरीब से गरीब वर्गों का भी ध्यान रखा है।
एक ओर जहां पूरा देश एकजुट होकर कोविड़-19 की चुनौतियों का सामना कर रहा है और यहां तक कि अन्य देश भी सहायता को तत्पर हैं, वहीं दूसरी ओर यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष का एक वर्ग आधारहीन एवं झूठे प्रोपगंडा के माध्यम से लोगों के मनोबल को तोड़ने का कुचक्र रच रहा है। इन मुट्ठी भर लोगों को देश कभी माफ नहीं करेगा, जिन्होंने राष्ट्रहित से ऊपर अपने राजनैतिक स्वार्थ को रखा और महामारी में अपनी राजनैतिक रोटियों को सेंकने का प्रयास कर रहे हैं। ये वही लोग हैं जो महामारी की पहली लहर में भी देश में भय एवं संदेह का वातावरण बनाने का असफल प्रयास कर रहे थे। जिस प्रकार से वे पहले असफल रहे, ठीक उसी प्रकार इस बार भी उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी। राष्ट्र की एकजुट शक्ति को भय और संदेह का वातावरण बनाकर नहीं हराया जा सकता। इससे राष्ट्र की शक्ति और भी अधिक सुदृढ़ होगी। नकारात्मकता एवं स्वार्थ की राजनीति पराजित होगी, राष्ट्र विजयी होगा।

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