प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर के नौशेरा जिले में भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों के साथ मनाई दिवाली

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संवैधानिक पद पर रहते हुए पिछले सभी वर्षों की तरह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष भी सशस्त्र बलों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने चार नवंबर को जम्मू-कश्मीर के नौशेरा जिले में भारतीय सशस्त्र बल का दौरा किया। सैनिकों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे सशस्त्र बलों के साथ उसी भावना से दिवाली मनाते हैं, जैसे अपने परिवार के साथ दिवाली मना रहे हों। संवैधानिक पद संभालने के बाद उन्होंने अपनी सभी दिवाली देश की सीमा पर सशस्त्र बलों के साथ मनाई है।

उन्होंने कहा कि वे अकेले नहीं आए हैं, बल्कि 130 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाओं को अपने साथ लाए हैं। श्री मोदी ने कहा कि आज शाम, प्रत्येक भारतीय देश के बहादुर सैनिकों के प्रति अपनी शुभकामना व्यक्त करने के लिए एक ‘दीया’ जलाएगा। प्रधानमंत्री ने सैनिकों से कहा कि वे देश के लिए सजीव सुरक्षा कवच के समान हैं। उन्होंने कहा कि देश के वीर पुत्रों और पुत्रियों के द्वारा राष्ट्र की सेवा की जा रही है, यह एक ऐसा सौभाग्य है, जो हर किसी को नहीं मिलता।

श्री मोदी ने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले नौशेरा के वीरों— ब्रिगेडियर उस्मान और नायक जदुनाथ सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पराक्रम एवं देशभक्ति की अभूतपूर्व मिसाल पेश करने वाले लेफ्टिनेंट आर.आर. राणे और अन्य वीरों को नमन किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सशस्त्र बलों का डटकर समर्थन करने वाले श्री बलदेव सिंह और श्री बसंत सिंह का आशीर्वाद लेने के लिए अपनी भावनाओं को भी व्यक्त किया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक में अहम भूमिका के लिए वहां तैनात ब्रिगेड की भी सराहना की। श्री मोदी ने राहत के उस पल को भी स्मरण किया जब सभी वीर जवान सर्जिकल स्ट्राइक से सकुशल वापस लौट आए थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें सशस्त्र बलों में सिर्फ असीम क्षमताएं ही नहीं, बल्कि अटूट सेवा भावना, दृढ़ संकल्प और अतुलनीय संवेदनशीलता भी दिखाई देती है। यह भारतीय सशस्त्र बलों को दुनिया के सभी सशस्त्र बलों में अनूठा बनाता है।